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Jangan lelaki melihat aurat lelaki lain dan wanita melihat aurat wanita lain
Imam Abu Dawud : 3502حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي فُدَيْكٍ عَنْ الضَّحَّاكِ بْنِ عُثْمَانَ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ عَنْ أَبِيهِعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَنْظُرُ الرَّجُلُ إِلَى عُرْيَةِ الرَّجُلِ وَلَا الْمَرْأَةُ إِلَى عُرْيَةِ الْمَرْأَةِ وَلَا يُفْضِي الرَّجُلُ إِلَى الرَّجُلِ فِي ثَوْبٍ وَاحِدٍ وَلَا تُفْضِي الْمَرْأَةُ إِلَى الْمَرْأَةِ فِي ثَوْبٍ
हमसे कहा है ['अब्दुर्रहमान बिन इब्राहिम] ने कहा, हमसे कहा है [इब्न अबू फुदैक] से [अध ढाहक बिन उथमान] से [जैद बिन असलम] से ['अब्दुर्रहमान बिन अबू सैद अल खुदरी] से [अपने पिता] से पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसलम ने कहा कि एक आदमी को देखने का इजाजत नहीं है: गुप्त अंग, अऊर एक औरत का दूसर औरत के गुप्त अंगन का देखै के अनुमति नाहीं है। दूसर। एक मनई का दूसर मनई के साथे एकै कम्बल के नीचे न सोवै का चाही, अऊर एक औरत का दूसर औरत के साथे एकै कम्बल के नीचे न सोवै का चाही'।