हदीस
Hak muslim atas muslim lainnya ada lima sampai enam
Imam Abu Dawud : 4375حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ دَاوُدَ بْنِ سُفْيَانَ وَخُشَيْشُ بْنُ أَصْرَمَ قَالَا حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ ابْنِ الْمُسَيِّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَمْسٌ تَجِبُ لِلْمُسْلِمِ عَلَى أَخِيهِ رَدُّ السَّلَامِ وَتَشْمِيتُ الْعَاطِسِ وَإِجَابَةُ الدَّعْوَةِ وَعِيَادَةُ الْمَرِيضِ وَاتِّبَاعُ الْجَنَازَةِ
हमनी के बतावल गइल बा कि [मुहम्मद बिन दाऊद बिन सुफियन] आ [खुशैसी बिन आश्रम] दुनु कहले रहले; हमनी के बतवले बाड़े [अब्दुर्राजाक] कहले बाड़े, बता देले बाड़े [मा'मर] से [अज जुहरी] से [इब्नुल मुसैयब] से [अबू हुरैरा] से उ कहले बाड़े कि, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले: 'पांच काम जवन मुसलमान के अपना भाई के संगे करे के होई; अभिवादन के जवाब दिहल, छींक के जवाब दिहल, नेवता के पूरा कइल, बेमार पड़ला पर घूमे आ लाश के साथ दिहल'.