हदीस
Seorang laki laki berkata kepada nabi shallallahu 'alaihi wasallam pada perang uhud, bagaimana menurutmu, jika aku mati terbunuh, dimanakah tempatku? beliau menjawab di surga
Imam Nasa'i : 3103أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَمْرٍو قَالَ سَمِعْتُ جَابِرًا يَقُولُقَالَ رَجُلٌ يَوْمَ أُحُدٍ أَرَأَيْتَ إِنْ قُتِلْتُ فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَأَيْنَ أَنَا قَالَ فِي الْجَنَّةِ فَأَلْقَى تَمَرَاتٍ فِي يَدِهِ ثُمَّ قَاتَلَ حَتَّى قُتِلَ
हमनी के [मुहम्मद बिन मंसूर] के उपदेश देके उ कहले कि; ['अमर] से हमनी के [सुफयान] के बतवले बाड़े, उ कहले; एक बेर [जाबीर] के कहत सुनले रहनी कि; उहुद के लड़ाई के दौरान एगो आदमी कहलस; अल्लाह के राह में हमरा के मार दिहल जाव त रउरा का लागत बा कि हम कहाँ रहब? रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दिहले: 'स्वर्ग में'। फेर ऊ आदमी अपना हाथ में जवन खजूर रहे ओकरा में से कुछ खजूर फेंक दिहलसि आ फेर तबले लड़त रहल जबले ओकर हत्या ना हो गइल.