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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5585

حَدَّثَنَا أَبُو مَعْمَرٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ عَنْ الْحُسَيْنِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ يَعْمَرَ أَنَّ أَبَا الْأَسْوَدِ الدِّيلِيَّ حَدَّثَهُ عَنْ أَبِي ذَرٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّهُسَمِعَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا يَرْمِي رَجُلٌ رَجُلًا بِالْفُسُوقِ وَلَا يَرْمِيهِ بِالْكُفْرِ إِلَّا ارْتَدَّتْ عَلَيْهِ إِنْ لَمْ يَكُنْ صَاحِبُهُ كَذَلِكَ

हमें [अबू म'मार] ने हमें [अब्दुल वारित्स] को [अल हुसैन] से बताया है, [अब्दुल्ला बिन बुरैदा] ने मुझे [याह्या बिन या'मार] बताया है कि [अबू असवद अद दीली] ने उन्हें [अबू दज़र] रदिअल्लाहु अन्हु से बताया कि उन्होंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को यह कहते हुए सुना: "कोई भी किसी पर बुराई का आरोप नहीं लगाता है, न ही वह किसी पर अविश्वास का आरोप लगाता है, लेकिन (आरोप) उसके पास वापस आ जाएगा, यदि उसका भाई वैसा नहीं है।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 4458, 4792, 4833, 5008, 5561, 5644, 5663, 5998, 20590
इमाम बुखारी : 5585, 5638, 5639
इमाम मुस्लिम : 91, 92
इमाम तिर्मिदज़ी : 2561
इमाम मलिक : 1558