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Amal apakah yang paling dicintai oleh Allah, beliau menjawab shalat pada waktunya, berbakti ke orangtua, jihad
Imam Tirmidzi : 1820حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ الْمَسْعُودِيِّ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ الْعَيْزَارِ عَنْ أَبِي عَمْرٍو الشَّيْبَانِيِّ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ قَالَسَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيُّ الْأَعْمَالِ أَفْضَلُ قَالَ الصَّلَاةُ لِمِيقَاتِهَا قُلْتُ ثُمَّ مَاذَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ بِرُّ الْوَالِدَيْنِ قُلْتُ ثُمَّ مَاذَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ الْجِهَادُ فِي سَبِيلِ اللَّهِ ثُمَّ سَكَتَ عَنِّي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَوْ اسْتَزَدْتُهُ لَزَادَنِيقَالَ أَبُو عِيسَى وَأَبُو عَمْرٍو الشَّيْبَانِيُّ اسْمُهُ سَعْدُ بْنُ إِيَاسٍ وَهُوَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ رَوَاهُ الشَّيْبَانِيُّ وَشُعْبَةُ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ الْوَلِيدِ بْنِ الْعَيْزَارِ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ أَبِي عَمْرٍو الشَّيْبَانِيِّ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ
हमका [अहमद बिन मुहम्मद] बताइस है, हमका [अब्दुल्ला बिन मुबारक] से [अल मसूदी] से [अल वालिद बिन अल 'ऐजर] से [अबी अमरू असी स्याबानी] से [इब्नू मसूद] बताइस है; हमने एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा कि हे रसूलुल्लाह सबसे महान काम क्या है? उ जवाब दिहिन: 'सही समय पर प्रार्थना करा'। हमने फिर पूछा, 'फिर और क्या हे अल्लाह के रसूल?' उ जवाब दिहिन: 'तब अपने माता-पिता के साथ पुत्रवत बनो'। हम फिर से पूछेन, 'अरे रसूल अल्लाह अउर का?' उ जवाब दिहिन: 'तब अल्लाह के राह मा प्रयास करा'। फिर रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम चुप रहे, अगर फिर से पूछूं तो जरूर जवाब देंगे। अबू ईसा कहिन; अबू अमर असी स्याबानी का नाम स'द बिन इयास है। अऊर ई एक हसन प्रामाणिक हदीस है, अऊर [अश स्याबानी] अऊर [स्यु'बाह] के साथ-साथ [अल वालिद बिन अल ऐजर] से एक से अधिक रावी द्वारा भी सुनावा गा है। ई हदीस इब्न मसूद से अबू अमर असी स्याबानी से एक से अधिक पंक्तियन से भी सुनाई गै है।