हदीस
Terangkatnya amanah di akhir zaman
Imam Tirmidzi : 2105حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ زَيْدِ بْنِ وَهْبٍ عَنْ حُذَيْفَةَ بْنِ الْيَمَانِحَدَّثَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَدِيثَيْنِ قَدْ رَأَيْتُ أَحَدَهُمَا وَأَنَا أَنْتَظِرُ الْآخَرَ حَدَّثَنَا أَنَّ الْأَمَانَةَ نَزَلَتْ فِي جَذْرِ قُلُوبِ الرِّجَالِ ثُمَّ نَزَلَ الْقُرْآنُ فَعَلِمُوا مِنْ الْقُرْآنِ وَعَلِمُوا مِنْ السُّنَّةِ ثُمَّ حَدَّثَنَا عَنْ رَفْعِ الْأَمَانَةِ فَقَالَ يَنَامُ الرَّجُلُ النَّوْمَةَ فَتُقْبَضُ الْأَمَانَةُ مِنْ قَلْبِهِ فَيَظَلُّ أَثَرُهَا مِثْلَ الْوَكْتِ ثُمَّ يَنَامُ نَوْمَةً فَتُقْبَضُ الْأَمَانَةُ مِنْ قَلْبِهِ فَيَظَلُّ أَثَرُهَا مِثْلَ أَثَرِ الْمَجْلِ كَجَمْرٍ دَحْرَجْتَهُ عَلَى رِجْلِكَ فَنَفَطَتْ فَتَرَاهُ مُنْتَبِرًا وَلَيْسَ فِيهِ شَيْءٌ ثُمَّ أَخَذَ حَصَاةً فَدَحْرَجَهَا عَلَى رِجْلِهِ قَالَ فَيُصْبِحُ النَّاسُ يَتَبَايَعُونَ لَا يَكَادُ أَحَدُهُمْ يُؤَدِّي الْأَمَانَةَ حَتَّى يُقَالَ إِنَّ فِي بَنِي فُلَانٍ رَجُلًا أَمِينًا وَحَتَّى يُقَالَ لِلرَّجُلِ مَا أَجْلَدَهُ وَأَظْرَفَهُ وَأَعْقَلَهُ وَمَا فِي قَلْبِهِ مِثْقَالُ حَبَّةٍ مِنْ خَرْدَلٍ مِنْ إِيمَانٍ قَالَ وَلَقَدْ أَتَى عَلَيَّ زَمَانٌ وَمَا أُبَالِي أَيُّكُمْ بَايَعْتُ فِيهِ لَئِنْ كَانَ مُسْلِمًا لَيَرُدَّنَّهُ عَلَيَّ دِينُهُ وَلَئِنْ كَانَ يَهُودِيًّا أَوْ نَصْرَانِيًّا لَيَرُدَّنَّهُ عَلَيَّ سَاعِيهِ فَأَمَّا الْيَوْمَ فَمَا كُنْتُ لِأُبَايِعَ مِنْكُمْ إِلَّا فُلَانًا وَفُلَانًاقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
हमनी के बतवले बा [हन्नाद] हमनी के बतवले बाड़े [अबू मुअवियाह] से [अल अ'मासी] से [जैद बिन वहाब] से [हुदजाइफा बिन अल यमन] से हमनी के रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम के दु हदीस बतवले बाड़े; जवना में से एगो के हम पहिलही से जानत बानी आ दूसरा के इंतजार करत बानी, उ हमनी के बतवले कि जनादेश लोग के दिल में उतरल तब कुरान उतरल अवुरी उ लोग के सुन्नत से पता चलल तब उ जनादेश के हटावे के बारे में बतवले, उ कहले कि: 'एक आदमी सुत जाला अवुरी जनादेश ओकरा दिल से हटा दिहल जाला तब उ फेर से सुत जाला जब तक कि निशान ना रह जाला।' जइसे कि जरत कोयला जइसन हाथ के निशान जवना के रउरा गोड़ पर लुढ़कत बानी तब ओकरा के फूलल देखत बानी भलही ओकरा भीतर कुछुओ ना होखे'. एकरा बाद अल्लाह के रसूलुल्लाह (स.अ.व.) एगो कंकड़ लेके उनुका गोड़ प लुढ़कवले अवुरी लोग उनुका से वफादारी के प्रण कईले, जब तक कि ओ लोग में से लगभग एक आदमी भरोसा के पूरा करे में नाकाम रहल, जब तक कि इ ना कहल गईल कि: "बनू फलला लोग में एगो भरोसेमंद आदमी बा," जब तक कि केहु से इ ना कहल गईल कि: "उ केतना मजबूत बा, केतना बुद्धिमान बा, कईसे।" बुद्धिमान बाड़े, तबो ओकरा दिल में तनको विश्वास नईखे।" अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, "हमरा लगे एगो समय आ गईल बा अवुरी हमरा कवनो परवाह नईखे कि हम ओ समय आपके में से केकरा से वफादारी करतानी, जदी उ मुसलमान बा त ओकर धर्म उनुका के हमरा लगे वापस क दिही, अवुरी जदी उ यहूदी चाहे ईसाई बा त ओकर कर वसूली करेवाला हमरा के वापस क दिही, जबकि ए समय हम सिर्फ आपके से फलानी के वफादारी के प्रण करतानी।" अबू ईसा कहले कि, हदीस हसन सहीह ह।