Hadith Representative
Setiap orang dimudahkan beramal sesuai dengan tujuan diciptakannya
Imam Abu Dawud : 4086حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ يَزِيدَ الرِّشْكِ قَالَ حَدَّثَنَا مُطَرِّفٌ عَنْ عِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ قَالَ قِيلَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَعُلِمَ أَهْلُ الْجَنَّةِ مِنْ أَهْلِ النَّارِ قَالَ نَعَمْ قَالَ فَفِيمَ يَعْمَلُ الْعَامِلُونَ قَالَ كُلٌّ مُيَسَّرٌ لِمَا خُلِقَ لَهُ
सानु दस्सेया है [मुसद्दद] ने कहा, सानु दस्सेया है [हम्मद बिन जैद] से [यजीद अर रिसिक] उसने कहा; ने सानु [मुथरीफ] [इमरान बिन हुशैन] तों दस्सेया है, उसने आख्या है, 'अल्लाह दे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कोला इक बारी पुच्छेआ गेआ हा, 'हे अल्लाह दे रसूलुल्लाह, क्या स्वर्ग दे संभावित निवासी ते नरक दे निवासी जानदे न?' उसने जवाब दित्ता: 'हां'। उस बंदे ने फिर पुच्छया, 'फिर लोक दान क्यों करदे ने?' उसने जवाब दित्ता: 'सबने गी इक पूर्व निर्धारित लाइन दी ओर सुविधा दित्ती जाग'।