हदीस
Larangan mendatangi dukun, mempercayai suara burung (tathayyur)
Imam Muslim : 4133حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ وَحَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى قَالَا أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ الْحَكَمِ السُّلَمِيِّ قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أُمُورًا كُنَّا نَصْنَعُهَا فِي الْجَاهِلِيَّةِ كُنَّا نَأْتِي الْكُهَّانَ قَالَ فَلَا تَأْتُوا الْكُهَّانَ قَالَ قُلْتُ كُنَّا نَتَطَيَّرُ قَالَ ذَاكَ شَيْءٌ يَجِدُهُ أَحَدُكُمْ فِي نَفْسِهِ فَلَا يَصُدَّنَّكُمْ و حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ حَدَّثَنِي حُجَيْنٌ يَعْنِي ابْنَ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ ح و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ قَالَا أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ ح و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا شَبَابَةُ بْنُ سَوَّارٍ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ ح و حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ عِيسَى أَخْبَرَنَا مَالِكٌ كُلُّهُمْ عَنْ الزُّهْرِيِّ بِهَذَا الْإِسْنَادِ مِثْلَ مَعْنَى حَدِيثِ يُونُسَ غَيْرَ أَنَّ مَالِكًا فِي حَدِيثِهِ ذَكَرَ الطِّيَرَةَ وَلَيْسَ فِيهِ ذِكْرُ الْكُهَّانِ و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ قَالَا حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ وَهُوَ ابْنُ عُلَيَّةَ عَنْ حَجَّاجٍ الصَّوَّافِ ح و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ كِلَاهُمَا عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ أَبِي مَيْمُونَةَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ الْحَكَمِ السُّلَمِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمَعْنَى حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ مُعَاوِيَةَ وَزَادَ فِي حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ قَالَ قُلْتُ وَمِنَّا رِجَالٌ يَخُطُّونَ قَالَ كَانَ نَبِيٌّ مِنْ الْأَنْبِيَاءِ يَخُطُّ فَمَنْ وَافَقَ خَطَّهُ فَذَاكَ
हमरा के बतावल गइल बा कि [अबू अथ थाहिर] आ [हरमाला बिन याह्या] दुनु कहले रहले; हमनी के जानकारी देले बा [इब्नु वहब] हमरा के [यूनुस] के [इब्न शिहाब] से [अबू सलामाह बिन अब्दुर रहमान बिन औफ] से [मुअवियाह बिन अल हकम अस सुलामी] से सूचित कईले बाड़े उ कहले कि; 'हम एक बेर अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछले रहनी; 'हँ, अल्लाह के रसूलुल्लाह! अज्ञानता के दौर में हमनी के कई गो काम करत रहनी जा, जवना में हमनी के एगो जादूगर के लगे जात रहनी जा। कइसे भइल?' उ जवाब देले: 'ना! फेर ओह जादूगर के लगे मत आवऽ'। मुअविया फेरु पूछले; 'हमनी के भी चिरई के आवाज के बुराई भा अच्छाई के निशानी मानत बानी जा।' रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब दिहले कि इ त सिर्फ एगो अनुमान बा। त एकरा के अपना कारोबार के राह में ना आवे दीं'। आ हमरा के [मुहम्मद बिन रफी'] बता दिहले बा; हमरा [हुजैन] के अर्थात इब्न अल मुत्सन्ना के बतवले बाड़े; ['उकाइल] से हमनी के [अल लैट्स] के रिवायत कइले बाड़न; ठीक ओसही एकरा के एगो अवुरी रास्ता से रिवायत कईल गईल बा, अवुरी हमनी के बतवले बा [इशक बिन इब्राहिम] अवुरी ['आबाद बिन हुमैद] दुनो कहले बाड़े; हमनी के ['अब्दुर रजाक] के जानकारी देले बा; हमनी के [मा'मार] के जानकारी देले बा; ठीक ओइसहीं एकरा के दोसरा रास्ता से रिवायत कइल गइल बा, आ हमनी के [अबू बकर बिन अबू स्याइबा] के बतवले बा; हमनी के [स्याबाब बिन सववर] के बतवले बाड़े; हमनी के [इब्न अबू डीज़ी'ब] के बतवले बाड़े; ठीक ओसही एकरा के एगो अउरी रास्ता से रिवायत कइल गइल बा, आ हमरा के [मुहम्मद बिन रफी'] के बतवले बा; हमनी के [इशाक बिन ईसा] के जानकारी देले बा; हमनी के [मलिक] के पूरा जानकारी [अज ज़ुहरी] से एह रास्ता से देले बा, जवन कि यूनुस के हदीस के मतलब से मिलत जुलत बा। मालिक के छोड़ के उ अपना हदीस में तथायुर -चिरई- के बारे में जिक्र कईले बाड़े अवुरी जादूगर के जिक्र नईखन कईले। आ हमनी के बतावल गइल बा [मुहम्मद बिन अश शब्बह] आ [अबू बकर बिन अबू स्याइबा] दुनु जने कहले बाड़न कि; हमनी के [इस्माइल] यानी इब्न उलय्याह [हज्जाज ऐश शववाफ] से बतवले बाड़े; ठीक ओसही एकरा के एगो अउरी रास्ता से रिवायत कइल गइल बा, आ हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के बतवले बा; हमनी के ['ईसा बिन यूनुस] के जानकारी देले बा; हमनी के [अल औजाई] [याह्या बिन अबू कत्सिर] से [हिलाल बिन अबू मैमुनाह] से [अथा बिन यासर] से [मुअवियाह बिन अल हकम अस सुलामी] से दुनो नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े जवन कि मुअविया से अबू सलामाह से अज़ जुहरी के हदीस के समान बा। आ याह्या बिन अबू कथिर के हदीस में एगो जोड़ बा, ऊ कहले बाड़न; आ हमनी में कुछ लोग अइसनो बाड़े जे कुछ पता लगावे खातिर रेखा खींचत रहले? नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि एक बेर एगो नबी रहले जे रेखा खींचले रहले, जेकर रेखा ओ रेखा के समान रहे उ सही रहे।