प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 5718
حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ الْفَضْلِ أَخْبَرَنَا ابْنُ عُيَيْنَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُقَالَ وُلِدَ لِرَجُلٍ مِنَّا غُلَامٌ فَسَمَّاهُ الْقَاسِمَ فَقُلْنَا لَا نَكْنِيكَ أَبَا الْقَاسِمِ وَلَا كَرَامَةَ فَأَخْبَرَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ سَمِّ ابْنَكَ عَبْدَ الرَّحْمَنِ
हमें बताया है [शदाकाह बिन अल फदल] ने हमें बताया है [इब्न उयैना] ने हमें बताया है [इब्न अल मुनकदिर] [जाबिर] रदलिल्लाहु अन्हु से उन्होंने कहा; "हमारे बीच एक आदमी था जिसका एक बच्चा था, तो उसने उसका नाम "अल कासिम" रखा। तो हमने कहा; "हम आपको अबू अल कासिम नहीं कहेंगे और हम उसकी बड़ाई नहीं करेंगे। फिर उस व्यक्ति ने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहा। तो उन्होंने कहा: "अपने बेटे का नाम अब्दुर्रहमान रखो।"