Hadith Representative
Tidak ada thiyarah dan tidak ada alfa`lu
Imam Tirmidzi : 1540حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ عَنْ هِشَامٍ الدَّسْتُوَائِيِّ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا عَدْوَى وَلَا طِيَرَةَ وَأُحِبُّ الْفَأْلَ قَالُوا يَا رَسُولَ اللَّهِ وَمَا الْفَأْلُ قَالَ الْكَلِمَةُ الطَّيِّبَةُقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ
सानु [मुहम्मद बिन बसयार] ने आख्या है, [इब्न अबू आदि] ने [कतदाह] तों [अनस] तों [कतदाह] तों [इब्न अबू आदि] ने दस्सेया है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'कोई अदवा -इस विश्वास नहीं है कि बीमारियां फैल सकदे हन, अल्लाह- या थियाराह दी किस्मत दे कारण नहीं -निराशावाद दा एहसास-, पर मिगी आशावादी रवैया पसंद ऐ'। साथियों ने पूछा, 'हे अल्लाह दे रसूलुल्लाह, आशावाद क्या है?' उसने जवाब दित्ता: 'अच्छा वाक्य'। अबू ईसा ने कहा, 'इह हदीस हसन सच्चे है।'