हदीस
Haidl, setelah suci, menyuruh mengganti puasa dan tidak mengqadla shalat
Imam Nasa'i : 2279أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالَ أَنْبَأَنَا عَلِيٌّ يَعْنِي ابْنَ مُسْهِرٍ عَنْ سَعِيدٍ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ مُعَاذَةَ الْعَدَوِيَّةِأَنَّ امْرَأَةً سَأَلَتْ عَائِشَةَ أَتَقْضِي الْحَائِضُ الصَّلَاةَ إِذَا طَهُرَتْ قَالَتْ أَحَرُورِيَّةٌ أَنْتِ كُنَّا نَحِيضُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ نَطْهُرُ فَيَأْمُرُنَا بِقَضَاءِ الصَّوْمِ وَلَا يَأْمُرُنَا بِقَضَاءِ الصَّلَاةِ
हमनी के [अली बिन हुजर] के रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; हमनी के [अली बिन मुशीर] के [सईद] से [कतदाह] से [मुअदजह अल अदाविय्याह] से रिपोर्ट कईले बाड़े कि एगो महिला ['ऐस्याह] से पूछले बाड़ी कि, 'का मासिक धर्म में आवे वाली महिला के नमाज के भरपाई कईल जरुरी बा, जदी उ शुद्ध होखे?' आइशा कहली कि; 'हरुरिया - खवरीज समूह - समझत बाड़ऽ? हमनी के एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय में मासिक धर्म के अनुभव भईल रहे, शुद्ध होखला के बाद उ हमनी के रोजा बदले के कहले रहले अवुरी नमाज के भरपाई करे के आदेश ना देले।