हदीस
Pertanyaan waraqah tentang Nabi melihat namus, nama lain malaikat jibril pada saat awal mula turunnya wahyu
Imam Bukhari : 3حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ الْمُؤْمِنِينَ أَنَّهَا قَالَتْأَوَّلُ مَا بُدِئَ بِهِ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ الْوَحْيِ الرُّؤْيَا الصَّالِحَةُ فِي النَّوْمِ فَكَانَ لَا يَرَى رُؤْيَا إِلَّا جَاءَتْ مِثْلَ فَلَقِ الصُّبْحِ ثُمَّ حُبِّبَ إِلَيْهِ الْخَلَاءُ وَكَانَ يَخْلُو بِغَارِ حِرَاءٍ فَيَتَحَنَّثُ فِيهِ وَهُوَ التَّعَبُّدُ اللَّيَالِيَ ذَوَاتِ الْعَدَدِ قَبْلَ أَنْ يَنْزِعَ إِلَى أَهْلِهِ وَيَتَزَوَّدُ لِذَلِكَ ثُمَّ يَرْجِعُ إِلَى خَدِيجَةَ فَيَتَزَوَّدُ لِمِثْلِهَا حَتَّى جَاءَهُ الْحَقُّ وَهُوَ فِي غَارِ حِرَاءٍ فَجَاءَهُ الْمَلَكُ فَقَالَ اقْرَأْ قَالَ مَا أَنَا بِقَارِئٍ قَالَ فَأَخَذَنِي فَغَطَّنِي حَتَّى بَلَغَ مِنِّي الْجَهْدَ ثُمَّ أَرْسَلَنِي فَقَالَ اقْرَأْ قُلْتُ مَا أَنَا بِقَارِئٍ فَأَخَذَنِي فَغَطَّنِي الثَّانِيَةَ حَتَّى بَلَغَ مِنِّي الْجَهْدَ ثُمَّ أَرْسَلَنِي فَقَالَ اقْرَأْ فَقُلْتُ مَا أَنَا بِقَارِئٍ فَأَخَذَنِي فَغَطَّنِي الثَّالِثَةَ ثُمَّ أَرْسَلَنِي فَقَالَ{ اقْرَأْ بِاسْمِ رَبِّكَ الَّذِي خَلَقَ خَلَقَ الْإِنْسَانَ مِنْ عَلَقٍ اقْرَأْ وَرَبُّكَ الْأَكْرَمُ }فَرَجَعَ بِهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَرْجُفُ فُؤَادُهُ فَدَخَلَ عَلَى خَدِيجَةَ بِنْتِ خُوَيْلِدٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا فَقَالَ زَمِّلُونِي زَمِّلُونِي فَزَمَّلُوهُ حَتَّى ذَهَبَ عَنْهُ الرَّوْعُ فَقَالَ لِخَدِيجَةَ وَأَخْبَرَهَا الْخَبَرَ لَقَدْ خَشِيتُ عَلَى نَفْسِي فَقَالَتْ خَدِيجَةُ كَلَّا وَاللَّهِ مَا يُخْزِيكَ اللَّهُ أَبَدًا إِنَّكَ لَتَصِلُ الرَّحِمَ وَتَحْمِلُ الْكَلَّ وَتَكْسِبُ الْمَعْدُومَ وَتَقْرِي الضَّيْفَ وَتُعِينُ عَلَى نَوَائِبِ الْحَقِّ فَانْطَلَقَتْ بِهِ خَدِيجَةُ حَتَّى أَتَتْ بِهِ وَرَقَةَ بْنَ نَوْفَلِ بْنِ أَسَدِ بْنِ عَبْدِ الْعُزَّى ابْنَ عَمِّ خَدِيجَةَ وَكَانَ امْرَأً قَدْ تَنَصَّرَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ وَكَانَ يَكْتُبُ الْكِتَابَ الْعِبْرَانِيَّ فَيَكْتُبُ مِنْ الْإِنْجِيلِ بِالْعِبْرَانِيَّةِ مَا شَاءَ اللَّهُ أَنْ يَكْتُبَ وَكَانَ شَيْخًا كَبِيرًا قَدْ عَمِيَ فَقَالَتْ لَهُ خَدِيجَةُ يَا ابْنَ عَمِّ اسْمَعْ مِنْ ابْنِ أَخِيكَ فَقَالَ لَهُ وَرَقَةُ يَا ابْنَ أَخِي مَاذَا تَرَى فَأَخْبَرَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَبَرَ مَا رَأَى فَقَالَ لَهُ وَرَقَةُ هَذَا النَّامُوسُ الَّذِي نَزَّلَ اللَّهُ عَلَى مُوسَى يَا لَيْتَنِي فِيهَا جَذَعًا لَيْتَنِي أَكُونُ حَيًّا إِذْ يُخْرِجُكَ قَوْمُكَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوَمُخْرِجِيَّ هُمْ قَالَ نَعَمْ لَمْ يَأْتِ رَجُلٌ قَطُّ بِمِثْلِ مَا جِئْتَ بِهِ إِلَّا عُودِيَ وَإِنْ يُدْرِكْنِي يَوْمُكَ أَنْصُرْكَ نَصْرًا مُؤَزَّرًا ثُمَّ لَمْ يَنْشَبْ وَرَقَةُ أَنْ تُوُفِّيَ وَفَتَرَ الْوَحْيُقَالَ ابْنُ شِهَابٍ وَأَخْبَرَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ الْأَنْصَارِيَّ قَالَ وَهُوَ يُحَدِّثُ عَنْ فَتْرَةِ الْوَحْيِ فَقَالَ فِي حَدِيثِهِ بَيْنَا أَنَا أَمْشِي إِذْ سَمِعْتُ صَوْتًا مِنْ السَّمَاءِ فَرَفَعْتُ بَصَرِي فَإِذَا الْمَلَكُ الَّذِي جَاءَنِي بِحِرَاءٍ جَالِسٌ عَلَى كُرْسِيٍّ بَيْنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ فَرُعِبْتُ مِنْهُ فَرَجَعْتُ فَقُلْتُ زَمِّلُونِي زَمِّلُونِي فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَعَالَى{ يَا أَيُّهَا الْمُدَّثِّرُ قُمْ فَأَنْذِرْ إِلَى قَوْلِهِ وَالرُّجْزَ فَاهْجُرْ }فَحَمِيَ الْوَحْيُ وَتَتَابَعَ تَابَعَهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ وَأَبُو صَالِحٍ وَتَابَعَهُ هِلَالُ بْنُ رَدَّادٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ وَقَالَ يُونُسُ وَمَعْمَرٌ بَوَادِرُهُ
हमनी के बतावल गइल बा [याह्या बिन बुकैर] कहले बाड़न कि, हमनी के [अल लैतस] से [उकाइल] से [इब्न शिहाब] से [उरवाह बिन अज़ जुबैर] से [ऐस्याह] से -मुअमिनिन के महतारी- से बतावल गइल बा, कि उ कहली कि: 'रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिलम के लगे जवन वहाई आईल ओकर शुरुआत एगो सच्चाई से रहे नींद में सपना देखल जाला। आ ऊ सपना तबले ना देखसु जबले ऊ भोर के रोशनी जइसन ना आ जाव. तब उनका एकांत के प्रेम के आशीर्वाद मिलल, एह से ऊ हीरो के गुफा चुनले आ ओकरा के सहले, माने कि रात में कुछ समय तक पूजा कइल आ ओकरा बाद अपना परिवार में लवट के फेर से जिए के इंतजाम तइयार कइल. ओकरा बाद खदीजा से भेंट कइलन खुजली तइयार करे खातिर. जब तक आखिरकार अल हक ना अइले जब ऊ हीरो के गुफा में रहले, एगो परी आके कहलस: 'पढ़ीं?' उ जवाब देले- 'हम पढ़ नईखी पावत'। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम समझवले: त फरिश्ता हमरा के पकड़ के बहुत जोर से गले लगा लिहले फिर हमरा के छोड़ देले अवुरी फेर कहले: 'पढ़ीं!' उ जवाब देले- 'हम पढ़ नईखी पावत'। त परी हमरा के पकड़ के बहुत जोर से गले लगा लिहलस फेर छोड़ दिहलस आ फेर कहलस: 'पढ़ीं!'। उ जवाब देले- 'हम पढ़ नईखी पावत'। परी हमरा के फेरु से पकड़ के तीसरा बेर बहुत मजबूती से गले लगा लिहलस फिर हमरा के छोड़ दिहलस, आ फेर कहलस: -अपना भगवान के नाम के -उल्लेख करके- पढ़ीं जे रचले रहले, उ खून के थक्का से इंसान के रचले बाड़े। पढ़ीं, त तोहार प्रभु परम कृपालु हउवें-'। नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बेचैन हालत में वही के शब्द लेके अपना परिवार में वापस आ गईले। ऊ खदीजा बिंत खवैलिद से मिल के कहले: 'हमरा के ढंकऽ, हमरा के ढंकऽ!'. जबले ओकर डर ना खतम हो गइल तबले ऊ लिफाफा में रह गइल. फेर खदीजा से का भइल बतवले- 'हमरा अपना बारे में चिंता बा'। त खदीजा कहले कि, 'अल्लाह के कसम, अल्लाह आपके हमेशा खाती नुकसान ना पहुंचाई, काहेंकी आप दोस्ती जारी राखे वाला इंसान हई'। एकरा बाद खदीजा उनुका के खदीजा के चाचा के बेटा वारोकोह बिन नौफल बिन असद बिन अब्दुल उज्जा से मिले के नेवता देले, जवन कि जहिलिय युग में ईसाई रहले। उ हिब्रू में भी किताब लिखले रहले, अवुरी अल्लाह के अनुमति से हिब्रू में बाइबल भी लिखले रहले। ओह घरी वारोकोह बूढ़ हो गइल रहे आ ओकर आँख आन्हर हो गइल रहे। खदीजा कहले: 'हे मामा के बेटा, सुनऽ तोहरा भाई के बेटा के का कहना बा'। वारोकोह कहले: 'हे भाई के बेटा, तू का अनुभव कईले बाड़ू'। त रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बतवले कि उनुका संगे का भईल। वारोकोह कहले कि इ नमुस ह, जईसे कि अल्लाह एक बेर मूसा के सोझा उतारले रहले। अरे काश हम अभी छोट रहतीं आ जब तोहरा लोग के भगा दिहल गइल त हम जिंदा रहतीं'। रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पूछले कि का हमरा के ओह लोग से बाहर फेंक दिहल जाई? वारोकोह जवाब दिहले: 'हँ।' काहे कि रउरा जवन ले के आवत बानी ओकरा साथे केहू तबले ना आई जबले ओकरा के चोट ना लागी - दुश्मन ना बनावल जाई -. अगर ओह घटना के समय हम मौजूद रहतीं त हम अपना क्षमता के मुताबिक रउरा सभे के मदद करित। वारोकोह के ओह घटना के अनुभव ना भइल जवना में ऊ विश्वास करत रहले काहे कि ऊ खुलासा के फतरोह – खालीपन – का दौरान पहिले मर गइल रहले. [इब्न सिहाब] कहले बाड़न कि; हमरा के [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान] के जानकारी देले बा कि [जाबिर बिन अब्दुल्लाह अल अंशरी] वही के खालीपन के बारे में बतवले बाड़े, जईसे कि अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लाह अलैहि वसल्लम से रिवायत बाड़े कि, 'जब हम चलत रहनी त हम आसमान से एगो आवाज़ सुननी, हम ओकरा ओर देखनी अवुरी इ उ फरिश्ता रहले जवन कि हिरो के गुफा में हमरा लगे आईल रहले, बीच में एगो कुर्सी प बईठल रहले।' आकाश आ धरती के बारे में बतावल गइल बा। हम डेरा के घरे चल गइनी, आ कहनी- हमरा के ढंक दऽ। हमरा के ढंक लीं।' त अल्लाह तआला वहही के उतार दिहलन: -हे तू जे ढंकल बाड़- जब तक अल्लाह के वचन ना आ जाव -आ मूर्ति के छोड़ दीं-। तब से खुलासा लगातार उतरत रहल बा।' ई हदीस [अब्दुल्लाह बिन यूसुफ] आ [अबू सालिह] द्वारा भी बतावल गइल बा आ [हिलाल बिन रद्दाद] द्वारा भी [अज ज़ुहरी] से। आ [युनुस] कहले कि; आ [मा'मार] मान गइलन कि ओकरा ई अज ज़ुहरी से मिलल बा.