Hadith Representative
Malaikat meminta izin rabbnya agar dapat mengucapkan salam kepada Nabi
Imam Darimi : 10أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ الْحِزَامِيُّ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي قَيْسٍ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ كَانَ رَجُلٌ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَهُ إِلَيْهِ حَاجَةٌ فَمَشَى مَعَهُ حَتَّى دَخَلَ قَالَ فَإِحْدَى رِجْلَيْهِ فِي الْبَيْتِ وَالْأُخْرَى خَارِجَهُ كَأَنَّهُ يُنَاجِي فَالْتَفَتَ فَقَالَ أَتَدْرِي مَنْ كُنْتُ أُكَلِّمُ إِنَّ هَذَا مَلَكٌ لَمْ أَرَهُ قَطُّ قَبْلَ يَوْمِي هَذَا اسْتَأْذَنَ رَبَّهُ أَنْ يُسَلِّمَ عَلَيَّ قَالَ إِنَّا آتَيْنَاكَ أَوْ أَنْزَلْنَا الْقُرْآنَ فَصْلًا وَالسَّكِينَةَ صَبْرًا وَالْفُرْقَانَ وَصْلًا
हमसे [मुहम्मद बिन यजीद अल हिजामी] हमसे [इशाक बिन सुलेमान] से ['अमर बिन अबू कैस] से [अथा] से कहिन है, उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के एक साथी का उनकर जरूरत रही। ऊ उनके साथ चलत रहा, जब तक कि जब ऊ घर मा घुस गवा रहा अऊर ओकर एक गोड़ भीतर रहा अऊर दूसर घर के बाहर रहा, तौ अइसन लागत रहा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक आदमी से बातचीत करत रहा, ओकरे बाद ऊ मुड़ के दोस्त से बात करत रहा: का तुम जानत हौ कि हम केसे बात करत रहेन? उ एक दूत रहा जेका हम पहिले कबो नाहीं देखे रहेन, दूत ने अपने प्रभु से मुझसे नमस्कार करै के अनुमति माँगी। अल्लाह कहत हैं: 'वास्तव मा, हम आपके पास आए हैं या कुरान का मामलन के निर्णय लेवे वाले के रूप मा अऊर अस सकिना का धैर्य के रूप मा अऊर अल फुरकोन का मार्गदर्शक के रूप मा भेजे हैं।