हदीस
Allah membenci orang yang keras kepala dan suka membantah
Imam Nasa'i : 5328أَخْبَرَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ ح وَأَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ حَدَّثَنِي ابْنُ جُرَيْجٍ عَنْ ابْنِ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ أَبْغَضَ الرِّجَالِ إِلَى اللَّهِ الْأَلَدُّ الْخَصِمُ
हमनी के [इशहाक बिन इब्राहिम] के जानकारी देले बा उ कहले कि; बता देले बा [वाकी'] उ कहले; हमनी के [इब्न जुरैज] बतवले बाड़े। -दूसर तरीका से एकर जिक्र बा- हमनी के [मुहम्मद बिन मंसूर] के रिपोर्ट कईले बा उ कहले; हमनी के [सुफयान] बतवले बाड़े उ कहले बाड़े; हमरा के [इब्न जुरैज] [इब्न अवलकाह] से ['ऐस्याह] से बतवले बाड़े कि उ कहले बाड़े कि, 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'जवन लोग से अल्लाह सबसे जादे नफरत करेले, उ लोग जिद्दी बाड़े अवुरी बहस कईल पसंद करेले'।