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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Allah Sifat ketuhanan bagi Allah Allah yang menciptakan janin dan menentukan takdirnya

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Allah yang menciptakan janin dan menentukan takdirnya
Imam Tirmidzi : 2063

حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ زَيْدِ بْنِ وَهْبٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَحَدَّثَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ الصَّادِقُ الْمَصْدُوقُ إِنَّ أَحَدَكُمْ يُجْمَعُ خَلْقُهُ فِي بَطْنِ أُمِّهِ فِي أَرْبَعِينَ يَوْمًا ثُمَّ يَكُونُ عَلَقَةً مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ يَكُونُ مُضْغَةً مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ يُرْسِلُ اللَّهُ إِلَيْهِ الْمَلَكَ فَيَنْفُخُ فِيهِ الرُّوحَ وَيُؤْمَرُ بِأَرْبَعٍ يَكْتُبُ رِزْقَهُ وَأَجَلَهُ وَعَمَلَهُ وَشَقِيٌّ أَوْ سَعِيدٌ فَوَالَّذِي لَا إِلَهَ غَيْرُهُ إِنَّ أَحَدَكُمْ لَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ الْجَنَّةِ حَتَّى مَا يَكُونُ بَيْنَهُ وَبَيْنَهَا إِلَّا ذِرَاعٌ ثُمَّ يَسْبِقُ عَلَيْهِ الْكِتَابُ فَيُخْتَمُ لَهُ بِعَمَلِ أَهْلِ النَّارِ فَيَدْخُلُهَا وَإِنَّ أَحَدَكُمْ لَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ النَّارِ حَتَّى مَا يَكُونَ بَيْنَهُ وَبَيْنَهَا إِلَّا ذِرَاعٌ ثُمَّ يَسْبِقُ عَلَيْهِ الْكِتَابُ فَيُخْتَمُ لَهُ بِعَمَلِ أَهْلِ الْجَنَّةِ فَيَدْخُلُهَاقَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ وَهْبٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ قَالَ حَدَّثَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ مِثْلَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأَنَسٍ و سَمِعْت أَحْمَدَ بْنَ الْحَسَنِ قَال سَمِعْتُ أَحْمَدَ بْنَ حَنْبَلٍ يَقُولُ مَا رَأَيْتُ بِعَيْنِي مِثْلَ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ الْقَطَّانِ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رَوَى شُعْبَةُ وَالثَّوْرِيُّ عَنْ الْأَعْمَشِ نَحْوَهُ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ زَيْدٍ نَحْوَهُ

हमरा सभकेँ [हन्नाद] कहि देने अछि; हमरा सब के [अबू मुअवियाह] [अल अ'मासी] स [जैद बिन वहब] स [अब्दुल्लाह बिन मसूद] स कहने छथि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर हमरा सभकेँ कहने छलाह : 'सत्ते, अहाँ सभ मे सँ एक गोटे अपन सृष्टि केँ चालीस दिन धरि अपन मायक पेट मे जमा कएने छलाह | तखन चालीस दिनक बाद खून बनि जाइत अछि। फेर चालीस दिनक बाद खूनक थक्का। आ तखने एकटा स्वर्गदूत पठाओल गेल जे ओकर आत्मा ओकर माथ मे उड़ा देलक। तखन हुनका चारिटा बातक निर्देश देल गेलनि। ओकर भाग्य, ओकर मृत्यु, ओकर कर्म लिखू, आ ओ सुखी हेताह आकि दयनीय। त जिनकर हाथ मे हमर आत्मा अछि। सचमुच, अहाँ मे सँ एक गोटे एहन छथि जे स्वर्गवासीक कर्म सँ नीक काज करैत छथि जाबत धरि हुनका आ स्वर्गक बीच एक इंच छोड़ि कोनो दूरी नहि रहि जाइत छनि, मुदा हुनका सँ पहिने पोथी आबि जाइत छनि, तखन हुनका नरकक लोकक कर्म सँ झाँपल जाइत छनि आ ओ ओहि मे प्रवेश करैत छथि | आ सचमुच, अहाँ मे सँ कियो नरकक लोकक कर्म सँ नीक काज करैत अछि जाबत धरि ओकरा आ नरकक बीच एक हाथ छोड़ि कोनो दूरी नहि रहैत छैक, तखन ओकरा सँ पहिने एकटा किताब लिखल जाइत छैक, तखन ओकरा स्वर्गक लोकक कर्म सँ बंद भ' जाइत छैक, तखन ओ ओहि मे प्रवेश करैत छैक'। अबू ईसा कहलनि; ई एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि। हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन बस्स्यार] कहि देने छथि; हमरा सभकेँ [याह्या बिन सईद] कहने छथि; हमरा सभकेँ [अल अ'मासी] कहने अछि; हमरा सभ केँ [जैद बिन वहब] केँ [अब्दुल्लाह बिन मसूद] सँ कहने छथि ओ कहलनि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा सब के कहलनि, एहि तरहक हदीस के संग। अबू ईसा कहलनि; हदीस अबू हुरैरा आ अनस स सेहो रिवायत अछि। अहमद बिन अल हसन के कहैत सुनलहुं; अहमद बिन हंबल के कहैत सुनलियैन जे याह्या बिन सैइद अल कथथानी सन के हम अपन आँखि सँ कहियो नहि देखलहुँ। आ ई हसन सहीह हदीस अछि। [स्यू'बाह] आ [अतस त्साउरी] [अल अ'माश] सँ एहने बात के रिवायत केने छथि | हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन अल आला`] हमरा सभकेँ [वाकी'] [अल अ'माश]सँ [जैद] हदीससँ एहन तरहेँ बतेने अछि।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 3441, 3738, 3882, 11714, 12042, 15556
Imam Bukhari : 307, 2969, 3085, 3086, 6105, 6106, 6900
Imam Muslim : 4781, 4782, 4783, 4784, 4785
Imam Abu Dawud : 4085
Imam Tirmidzi : 2063
Imam Ibnu Majah : 73