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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम दरिमी : 835

أَخْبَرَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ قَتَادَةَ وَقَيْسِ بْنِ سَعْدٍ عَنْ عَطَاءٍ أَنَّهُمَا قَالَا فِي الْبِكْرِ إِذَا نَفِسَتْ فَاسْتُحِيضَتْ قَالَا تُمْسِكُ عَنْ الصَّلَاةِ مِثْلَ مَا تُمْسِكُ الْمَرْأَةُ مِنْ نِسَائِهَا

हज्जाज बिन मिन्हाल ने हमें बताया है कि हम्माद ने क़तादा से और क़ैस बिन सअद ने अथा से बताया है कि उन दोनों ने एक बार एक कुंवारी लड़की के बारे में कहा था कि अगर उसे पोस्टपार्टम हो जाए, फिर इस्तिहाज़ा हो, तो दोनों ने कहा: "उसे एक बड़ी औरत की तरह नमाज़ से बचना चाहिए।"

समर्थक हदीस :

इमाम दरिमी : 835, 836