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Larangan memotong rambut atau kuku selama ihram
Imam Tirmidzi : 876حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ أَيُّوبَ السَّخْتِيَانِيِّ وَابْنِ أَبِي نَجِيحٍ وَحُمَيْدٍ الْأَعْرَجِ وَعَبْدِ الْكَرِيمِ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى عَنْ كَعْبِ بْنِ عُجْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَرَّ بِهِ وَهُوَ بِالْحُدَيْبِيَةِ قَبْلَ أَنْ يَدْخُلَ مَكَّةَ وَهُوَ مُحْرِمٌ وَهُوَ يُوقِدُ تَحْتَ قِدْرٍ وَالْقَمْلُ يَتَهَافَتُ عَلَى وَجْهِهِ فَقَالَ أَتُؤْذِيكَ هَوَامُّكَ هَذِهِ فَقَالَ نَعَمْ فَقَالَ احْلِقْ وَأَطْعِمْ فَرَقًا بَيْنَ سِتَّةِ مَسَاكِينَ وَالْفَرَقُ ثَلَاثَةُ آصُعٍ أَوْ صُمْ ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ أَوْ انْسُكْ نَسِيكَةً قَالَ ابْنُ أَبِي نَجِيحٍ أَوْ اذْبَحْ شَاةًقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَيْهِ عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَغَيْرِهِمْ أَنَّ الْمُحْرِمَ إِذَا حَلَقَ رَأْسَهُ أَوْ لَبِسَ مِنْ الثِّيَابِ مَا لَا يَنْبَغِي لَهُ أَنْ يَلْبَسَ فِي إِحْرَامِهِ أَوْ تَطَيَّبَ فَعَلَيْهِ الْكَفَّارَةُ بِمِثْلِ مَا رُوِيَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
हमरा सब [इब्न अबू उमर] स कहलक अछि, [अय्यूब अस सख्तियानी] स [सुफयान बिन उयैनह], [इब्न अबू नजीह], [हुमैद अल अ'राज] आ [अब्दुल करीम] [मुजाहिद] स [अब्दुररहमान बिन अबू लैला] स [कअब बिन उजरा] स कहलक अछि जे पैगम्बर सल्लल्लाहु अरैहि वसाल्लम इहराम मे रहबाक अवस्था मे मक्का मे प्रवेश करबा सँ पहिने हुदैबिया मे हुनका सोझाँ सँ गुजरि गेल | चूल्हा जरा देलनि आ माथसँ जूँ खसि पड़लनि । -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- पुछलखिन: 'की पिस्सू अहाँ के परेशान करैत अछि?' ओ उत्तर देलथिन; 'हँ'। -नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- कहलनि: 'मुंडन करू, आ छह गरीब लोकक लेल एक फरक भोजन बाँटि दियौक, एक फरक तीन शा', वा तीन दिनक रोजा राखू वा कोनो जानवरक वध करू'। इब्न अबू नजिह कहलनि; 'वा बकरी के वध करू'। अबू ईसा कहलनि; 'ई हसन शोहिह हदीस छै आरू नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी आरू ओकरा सिनी के अलावा कुछ विद्वानऽ द्वारा एकरऽ अभ्यास करलऽ जाय छै । कि जे व्यक्ति इहराम में छै, अगर वू अपनऽ माथा मुंडवाबै छै या ऐन्हऽ कपड़ा पहनै छै जेकरा इहराम में लोगऽ के पहनै के अनुमति नै छै या इत्र के प्रयोग करै छै, त॑ ओकरा कफ्राह देना बाध्य छै जैसनऽ कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ रिवायत छै ।