Hadith Representative
Diperbolehkan nafar bagi wanita yang haid
Imam Bukhari : 1640حَدَّثَنَا مُسْلِمٌ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ حَدَّثَنَا ابْنُ طَاوُسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَرُخِّصَ لِلْحَائِضِ أَنْ تَنْفِرَ إِذَا أَفَاضَتْقَالَ وَسَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ يَقُولُ إِنَّهَا لَا تَنْفِرُ ثُمَّ سَمِعْتُهُ يَقُولُ بَعْدُ إِنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَخَّصَ لَهُنَّ
हमसे [मुसलमानन] बतावा गा है कि हमसे [वुहैब] बतावा गा है [इब्नू थाउस] से [अपने पिता] से [इब्नू अब्बास रदलियाअल्लाहु अन्हुमा] कहिन: मासिक धर्म का अनुभव करै वाली औरतन के लिए राहत दीन गै है कि जब उ -इथावाफ-इधाफत-अंजाम देहैं तौ -घर- छोड़ि देंय। उ - इब्नू अब्बास रदलियाल्लाहु अनहुम - कहिन; 'अऊर हम [इब्नू उमर रदलियाल्लाहु अन्हुमा] का कहत सुने हई: 'जब तक उ तवाफ वादा न कर ले तब तक ओका घरे नाहीं जाय का चाही'-। फिर वहिके बाद हम ओनका कहत सुने रहेन: 'नबी सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने ओनके लिए राहत प्रदान किहिन है'।