Hadith Representative
Tuduhan zina kepada Wanita
Imam Tirmidzi : 2078حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ حَدَّثَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ أَخْبَرَنِي أَبُو صَخْرٍ قَالَ حَدَّثَنِي نَافِعٌ أَنَّ ابْنَ عُمَرَجَاءَهُ رَجُلٌ فَقَالَ إِنَّ فُلَانًا يَقْرَأُ عَلَيْكَ السَّلَامَ فَقَالَ لَهُ إِنَّهُ بَلَغَنِي أَنَّهُ قَدْ أَحْدَثَ فَإِنْ كَانَ قَدْ أَحْدَثَ فَلَا تُقْرِئْهُ مِنِّي السَّلَامَ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ يَكُونُ فِي هَذِهِ الْأُمَّةِ أَوْ فِي أُمَّتِي الشَّكُّ مِنْهُ خَسْفٌ أَوْ مَسْخٌ أَوْ قَذْفٌ فِي أَهْلِ الْقَدَرِقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ وَأَبُو صَخْرٍ اسْمُهُ حُمَيْدُ بْنُ زِيَادٍ
हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन बस्स्यार] कहि देने छथि; हमरा सभकेँ [अबू अशिम] कहने छथि; हमरा सभकेँ [हैवा बिन स्यूरैह] कहि देने छथि; हमरा [अबू शखरा] के सूचित केने छथि ओ कहलनि; हमरा [नफी'] कहने अछि जे; [इब्नू उमर] के एक बेर एकटा आदमी लग आबि कहलक, 'सत्ते फुलन अहाँ के अभिवादन करैत अछि'। तखन अली ओहि आदमी सँ कहलनि, 'सत्ते हमरा लग खबरि आयल अछि जे ओ किछु नव काज केलक अछि - धर्मक मामला मे बनल अछि -, जँ ओ किछु नव केने अछि तखन ओकरा हमर प्रणाम नहि पहुँचाउ, कारण हम अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केँ कहैत सुनने छी: 'एकटा घटना एहि उम्माक संग वा हमर उम्माक संग होयत - कहलक आव शंका तिरमिजी सँ - नष्ट हेबाक रूप मे, मे परिवर्तन के रूप आ भाग्य के नकारय वाला लोक पर आरोप'.' अबू ईसा कहलनि; ई हदीस हसन सहीह घरीब छै, आरू अबू शखर के नाम हुमैद बिन जियाद छै ।