हदीस
Jenazah berbicara: Segerakan aku atau Tunda aku
Imam Bukhari : 1230حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا سَعِيدٍ الْخُدْرِيَّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا وُضِعَتْ الْجِنَازَةُ وَاحْتَمَلَهَا الرِّجَالُ عَلَى أَعْنَاقِهِمْ فَإِنْ كَانَتْ صَالِحَةً قَالَتْ قَدِّمُونِي وَإِنْ كَانَتْ غَيْرَ صَالِحَةٍ قَالَتْ يَا وَيْلَهَا أَيْنَ يَذْهَبُونَ بِهَا يَسْمَعُ صَوْتَهَا كُلُّ شَيْءٍ إِلَّا الْإِنْسَانَ وَلَوْ سَمِعَهُ صَعِقَ
हमनी के बतावल गइल बा [अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्लाह] [अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्लाह] [अपना पिता] से [सईद अल मकबरी] से [अल लैतस] बतवले बाड़न कि ऊ [अबू सईद अल खुदरी रदलियाहु अनहू] से सुनले बाड़न कि रसुलुल्लाह सल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम कहले बाड़न कि अगर कवनो लाश के राखल जाव आ ओकरा बाद आदमी ओह लोग पर ले जासु कंधा, त अगर लाश धर्मी लोग में से एगो रहे - ओकरा जीवनकाल में - त ऊ - लाश - कहलस; 'जल्दी करऽ, तू लोग -हमरा के ले जा-।' आ अगर ऊ धर्मी लोग से ना ह त ऊ कह दी कि; 'लानत बा, ऊ लोग ओकरा के कहाँ ले जाए वाला बा? लाश के आवाज इंसान के छोड़ के हर जीव के सुनाई दिही अवुरी जदी इंसान सुनता त बेशक उ बेहोश होके गिर जाई'।