हदीस
Ruh orang kafir dikatakan: Wahai jiwa yang buruk, keluarlah menuju murka dan kemurkaan Allah
Imam Nasa'i : 1810أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ قَتَادَةَ عَنْ قَسَامَةَ بْنِ زُهَيْرٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِذَا حُضِرَ الْمُؤْمِنُ أَتَتْهُ مَلَائِكَةُ الرَّحْمَةِ بِحَرِيرَةٍ بَيْضَاءَ فَيَقُولُونَ اخْرُجِي رَاضِيَةً مَرْضِيًّا عَنْكِ إِلَى رَوْحِ اللَّهِ وَرَيْحَانٍ وَرَبٍّ غَيْرِ غَضْبَانَ فَتَخْرُجُ كَأَطْيَبِ رِيحِ الْمِسْكِ حَتَّى أَنَّهُ لَيُنَاوِلُهُ بَعْضُهُمْ بَعْضًا حَتَّى يَأْتُونَ بِهِ بَابَ السَّمَاءِ فَيَقُولُونَ مَا أَطْيَبَ هَذِهِ الرِّيحَ الَّتِي جَاءَتْكُمْ مِنْ الْأَرْضِ فَيَأْتُونَ بِهِ أَرْوَاحَ الْمُؤْمِنِينَ فَلَهُمْ أَشَدُّ فَرَحًا بِهِ مِنْ أَحَدِكُمْ بِغَائِبِهِ يَقْدَمُ عَلَيْهِ فَيَسْأَلُونَهُ مَاذَا فَعَلَ فُلَانٌ مَاذَا فَعَلَ فُلَانٌ فَيَقُولُونَ دَعُوهُ فَإِنَّهُ كَانَ فِي غَمِّ الدُّنْيَا فَإِذَا قَالَ أَمَا أَتَاكُمْ قَالُوا ذُهِبَ بِهِ إِلَى أُمِّهِ الْهَاوِيَةِ وَإِنَّ الْكَافِرَ إِذَا احْتُضِرَ أَتَتْهُ مَلَائِكَةُ الْعَذَابِ بِمِسْحٍ فَيَقُولُونَ اخْرُجِي سَاخِطَةً مَسْخُوطًا عَلَيْكِ إِلَى عَذَابِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ فَتَخْرُجُ كَأَنْتَنِ رِيحِ جِيفَةٍ حَتَّى يَأْتُونَ بِهِ بَابَ الْأَرْضِ فَيَقُولُونَ مَا أَنْتَنَ هَذِهِ الرِّيحَ حَتَّى يَأْتُونَ بِهِ أَرْوَاحَ الْكُفَّارِ
हमनी के [उबैदुल्लाह बिन सईद] के जानकारी देके उ कहले कि; हमनी के बतवले बाड़े [मुअदज बिन हिशाम] उ कहले बाड़े; [हमार पिता] हमरा के [कतदाह] से [कसामाह बिन जुहैर] से [अबू हुरैरा] से बतवले बाड़े कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले बाड़न कि जब कवनो मुसलमान अपना मौत के नजदीक आवेला त दया के दूत सफेद रेशम लेके ओकरा से मिले आवेले। उ लोग कहल कि; 'तोहरा से - आत्मा - अल्लाह के दया, मीठ गंध आ एगो रब्ब जे नाराज ना होखे के प्रति सुख आ खुशी से बाहर निकलऽ'। तब ऊ सबसे सुगंधित, मस्टी गंध से बाहर निकलल, जवना से कुछ लोग ओकरा के पावे खातिर दोसरा से लड़ल, फेर ओकरा के स्वर्ग के दुआर पर ले गइल. उ लोग -आकाश के निवासी- कहलस; 'कतना सुगंधित गंध बा तोहरा कि ई धरती से आवेला! '. के बा। तब उ लोग उनका साथे आस्तिक लोग के आत्मा से मिले खातिर आ गईले। उनुका अइला से ऊ लोग रउरा से बेसी खुश होला जेकरा लगे केहू अइसन आदमी आवेला जवना के रउरा बहुते दिन से ना देखले होखीं. तब उ लोग उनुका से पूछले कि; 'फुलन का कइले बा? फुलन का कइले बा? ' उ लोग कहल कि; 'उनुका होखे दीं, काहे कि पहिले ऊ दुनिया के जिनिगी से संतुष्ट रहले'. अगर केहू पूछे कि ‘का ऊ रउरा से मिले ना आइल रहे? ' उ लोग जवाब दिहले; 'उनुका के अपना गहिराह मूल स्थान - हविया के नरक - ले जाइल गइल आ जब कवनो काफिर ओकरा मौत में आवेला त सजा के दूत मोट कपड़ा लेके आवेले.' उ लोग कहल कि; 'अल्लाह -अज्जा व जल्ला- के सजा के प्रति गुस्सा और गुस्सा के साथ बाहर आ जाओ।' तब ऊ सबसे सड़ल लाश के गंध नियर बाहर निकलल आ ऊ लोग ओकरा के धरती के दुआर पर ले गइल। तब ऊ लोग कहल कि; 'कतना भयानक गंध बा! ' तब उ लोग ओकरा के काफिरन के आत्मा से मिले खातिर ले गईले'।