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Ziarah kubur untuk mengingat akhirat
Imam Tirmidzi : 974حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَمَحْمُودُ بْنُ غَيْلَانَ وَالْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلَّالُ قَالُوا حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمِ النَّبِيلُ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ مَرْثَدٍ عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ بُرَيْدَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ كُنْتُ نَهَيْتُكُمْ عَنْ زِيَارَةِ الْقُبُورِ فَقَدْ أُذِنَ لِمُحَمَّدٍ فِي زِيَارَةِ قَبْرِ أُمِّهِ فَزُورُوهَا فَإِنَّهَا تُذَكِّرُ الْآخِرَةَقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي سَعِيدٍ وَابْنِ مَسْعُودٍ وَأَنَسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَأُمِّ سَلَمَةَ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ بُرَيْدَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ لَا يَرَوْنَ بِزِيَارَةِ الْقُبُورِ بَأْسًا وَهُوَ قَوْلُ ابْنِ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَقَ
हमरा सब के [मुहम्मद बिन बस्यार] आ [महमद बिन घैलन] आ [अल हसन बिन अली अल खल्लाल] के कहल गेल अछि जे ओ सब कहलनि; हमरा सब के कहलक अछि [अबू अशिम अन नबील] हमरा सब के [सुफयान] के [अलकामा बिन मर्तसाद] स [सुलेमान बिन बुराइदा] स [अपन पिता] स कहलक अछि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे हम एक बेर अहाँ सभ केँ कब्र मे घुमबा सँ मना केने रही। आब मुहम्मद के अपन माय के कब्र पर जेबाक अनुमति भ गेल छैक, तें तीर्थ यात्रा करू, कारण - कब्र के तीर्थ यात्रा करब - परलोक के याद दिला सकैत अछि'. -अबू ईसा तिरमिधि मे- कहलक; 'सबसे सार्थक हदीस अबू सैद, इब्न मसूद, अनस, अबू हुरैरा आरू उमू सलामाह स॑ रिवायत करलऽ गेलऽ छै' । अबू ईसा कहलनि; 'बुरैदा हदीस एकटा प्रामाणिक हसन हदीस अछि।' उलामा एकर अभ्यास करैत छथि, हुनका लोकनिक मानब छनि जे कब्र मे घुमबा मे कोनो हर्ज नहि । इब्न मुबारक, शाफीई, अहमद आ इशाक के राय अछि।