Hadith Representative
Barang siapa mengambil ghanimah sebelum pembagian resmi, maka ia berbuat khianat (ghulul)
Imam Bukhari : 2844حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ أَبِي حَيَّانَ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو زُرْعَةَ قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَامَ فِينَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ الْغُلُولَ فَعَظَّمَهُ وَعَظَّمَ أَمْرَهُ قَالَ لَا أُلْفِيَنَّ أَحَدَكُمْ يَوْمَ الْقِيَامَةِ عَلَى رَقَبَتِهِ شَاةٌ لَهَا ثُغَاءٌ عَلَى رَقَبَتِهِ فَرَسٌ لَهُ حَمْحَمَةٌ يَقُولُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَغِثْنِي فَأَقُولُ لَا أَمْلِكُ لَكَ شَيْئًا قَدْ أَبْلَغْتُكَ وَعَلَى رَقَبَتِهِ بَعِيرٌ لَهُ رُغَاءٌ يَقُولُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَغِثْنِي فَأَقُولُ لَا أَمْلِكُ لَكَ شَيْئًا قَدْ أَبْلَغْتُكَ وَعَلَى رَقَبَتِهِ صَامِتٌ فَيَقُولُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَغِثْنِي فَأَقُولُ لَا أَمْلِكُ لَكَ شَيْئًا قَدْ أَبْلَغْتُكَ أَوْ عَلَى رَقَبَتِهِ رِقَاعٌ تَخْفِقُ فَيَقُولُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَغِثْنِي فَأَقُولُ لَا أَمْلِكُ لَكَ شَيْئًا قَدْ أَبْلَغْتُكَوَقَالَ أَيُّوبُ عَنْ أَبِي حَيَّانَ فَرَسٌ لَهُ حَمْحَمَةٌ
हमरा सब के कहलक अछि [मुसद्दद] हमरा सब के [अबू हयान] स [याह्या] कहलक अछि जे ओ हमरा कहलक अछि [अबू ज़ुराह] कहलक जे ओ हमरा कहलक अछि [अबू हुरैरा अल्लाह हुनका स प्रसन्न होथि] कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम हमरा सबहक सामने ठाढ़ भ गेलाह आ फेर ओ गुलुल -बांटबा स पहिने युद्धक लूट लेबय के बात केलनि- आ ओ -चेताओलनि- पाप के परिमाण आ एहि काज के परिणाम के बारे में। ओ कहलनि: 'सत्ते हमरा अहाँ सभ मे सँ एकटा केँ कियामतक दिन भेंट होयत जकर गरदनि मे बकरीक चीत्कार अछि, आ गरदनि पर घोड़ा कुहरैत अछि जखन कि ओ कहैत अछि; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर मदद करू', तखन हम जवाब देलियनि; 'अहाँ पर हमरा कनिको शक्ति नहि अछि।' हम अहाँ धरि पहुँचा देने छी -जखन संसार मे-'। आ हमरा एकटा एहन व्यक्ति भेटल जेकर गरदनिक पीठ पर ऊँट मूइंग छल, जखन कि ओ कहैत छल; ‘हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर मदद करू’, तखन हम जवाब देलियनि: ‘हमरा अहाँ पर कनिको शक्ति नहि अछि। हम अहाँ धरि पहुँचा देने छी -जखन संसार मे-'। आ हमरा एकटा एहन व्यक्ति भेटल जेकर गरदनिक पाछू सोना-चानीक गांठ छलैक आ ओ कहलक; ‘हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर मदद करू’, तखन हम जवाब देलियनि: ‘हमरा अहाँ पर कनिको शक्ति नहि अछि। हम अहाँ धरि पहुँचा देने छी -जखन संसार मे-', आ हमरा कियो एहन भेटल जे गरदनिक पाछू मे कपड़ाक चादर छल आ कहलक; ‘हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर मदद करू’, तखन हम कहलियनि: ‘हमरा अहाँ पर कनिको शक्ति नहि अछि। हम अहाँ धरि पहुँचा देने छी -जखन संसार मे-'। आ [अयूब] [अबू हय्यान] सँ कहलनि; '-आ कियो- जकर गरदनिक पीठ पर एकटा नेहगर घोड़ा अछि'।