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Sesungguhnya Allah lebih berhak untuk kita malui daripada manusia
Imam Abu Dawud : 3501حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا أَبِي ح و حَدَّثَنَا ابْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى نَحْوَهُ عَنْ بَهْزِ بْنِ حَكِيمٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ قَالَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ عَوْرَاتُنَا مَا نَأْتِي مِنْهَا وَمَا نَذَرُ قَالَ احْفَظْ عَوْرَتَكَ إِلَّا مِنْ زَوْجَتِكَ أَوْ مَا مَلَكَتْ يَمِينُكَ قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِذَا كَانَ الْقَوْمُ بَعْضُهُمْ فِي بَعْضٍ قَالَ إِنْ اسْتَطَعْتَ أَنْ لَا يَرَيَنَّهَا أَحَدٌ فَلَا يَرَيَنَّهَا قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِذَا كَانَ أَحَدُنَا خَالِيًا قَالَ اللَّهُ أَحَقُّ أَنْ يُسْتَحْيَا مِنْهُ مِنْ النَّاسِ
हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन मसलामा] कहिन, हमसे कहिन हैं [मेरे पिताजी]। -एक अउर तरीका से ई बतावा गा है- हमसे कहिन है [इब्न बसिसियार] कहिन हैं, हमसे [यह्या] कहिन हैं जइसे कि उनके वर्णन मा, [बहज बिन हकीम] से [अपने पिता] से [अपने दादा] से उ कहिन, 'मैंने पूछा, 'हे अल्लाह के रसूल, हमरे निजी अंगन के बारे मा, हम केका देखा सकत हैं अऊर केका नाहीं दिखा सकत हैं'? उ जवाब दिहिस: 'अपनी पत्नी या अपने पास मौजूद गुलाम के अलावा अपने गुप्त अंगन का ध्यान रखौ'। उन्होंने कहा, 'मैंने पूछा, 'हे अल्लाह के रसूल, जब लोग एक जगह एक साथ मिल जात हैं - जहां वे एक दूसरे के गुप्त अंग देखत हैं - तो का होत है?' उ जवाब दिहिन: 'अगर तुम सक्षम हौ, तौ केहू का देखै न दे'। उन्होंने कहा कि मैंने पूछा कि हे अल्लाह के रसूल अगर हममें से कोई अकेला हो तो क्या होगा? उ जवाब दिहिन: 'अल्लाह का आपका मनुष्यन से ज्यादा शर्म करै का अधिकार है'।