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Nabi melarang menggunakan khamr sebagai obat
Imam Muslim : 3670حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ وَاللَّفْظُ لِابْنِ الْمُثَنَّى قَالَا حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَائِلٍ عَنْ أَبِيهِ وَائِلٍ الْحَضْرَمِيِّ أَنَّ طَارِقَ بْنَ سُوَيْدٍ الْجُعْفِيَّ سَأَلَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ الْخَمْرِ فَنَهَاهُ أَوْ كَرِهَ أَنْ يَصْنَعَهَا فَقَالَ إِنَّمَا أَصْنَعُهَا لِلدَّوَاءِ فَقَالَ إِنَّهُ لَيْسَ بِدَوَاءٍ وَلَكِنَّهُ دَاءٌ
हमरा सभकेँ [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] आ [मुहम्मद बिन बस्स्यार] केँ कहि देने छथि आ ई लफाज इब्न अल मुत्सन्ना छथि, दुनू गोटे कहलनि; हमरा सब के कहने छथि [मुहम्मद बिन जाफर] हमरा सब के [सिमक बिन हरब] स [अलकामाह बिन व`इल] स अपन पिता [वाइल अल हदलरामी] स [स्यूबाह] के कहने छथि जे तारिक बिन सुवैद अल जुफी एक बेर नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स खम्र के बारे में पूछने छलाह, ताहि लेल ओ एकरा मना क देलखिन या एकरा बनेबा स नफरत केलथि। तखन बजलाह, 'हम त' बस दवाई लेल बनौने छी'। तेँ बजलाह : 'खमेर कोनो दवाई नहि, मुदा रोग थिक' ।