प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 4085
حَدَّثَنِي حِبَّانُ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ أَخْبَرَنَا يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ قَالَ أَخْبَرَنِي عُرْوَةُ أَنَّ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا أَخْبَرَتْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا اشْتَكَى نَفَثَ عَلَى نَفْسِهِ بِالْمُعَوِّذَاتِ وَمَسَحَ عَنْهُ بِيَدِهِ فَلَمَّا اشْتَكَى وَجَعَهُ الَّذِي تُوُفِّيَ فِيهِ طَفِقْتُ أَنْفِثُ عَلَى نَفْسِهِ بِالْمُعَوِّذَاتِ الَّتِي كَانَ يَنْفِثُ وَأَمْسَحُ بِيَدِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْهُ
मुझे [हिब्बान] ने बताया है, हमें [अब्दुल्ला] ने बताया है, हमें [यूनुस] ने [इब्न शिहाब] से कहा; उसने मुझे [उरवाह] बताया है कि [आइस्याह रदिअल्लाहु अन्हा] ने उसे बताया; जब रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बीमार थे, तो उन्होंने अपने ऊपर मुअव्विदज़ात के अक्षर फूँके और उन्हें अपने हाथों से रगड़ा। तो, जब वह बीमार थे, जिससे उनकी मृत्यु हो गई, तो मैंने भी उन पर मुअव्विदज़ात के अक्षर फूँके और अपने हाथ उनके शरीर पर फेरे।