हदीस
Doa Nabi untuk orang sakit BISMILLAHI TURBATU ARDHINAA…
Imam Ibnu Majah : 3512حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ رَبِّهِ عَنْ عَمْرَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ مِمَّا يَقُولُ لِلْمَرِيضِ بِبُزَاقِهِ بِإِصْبَعِهِ بِسْمِ اللَّهِ تُرْبَةُ أَرْضِنَا بِرِيقَةِ بَعْضِنَا لِيُشْفَى سَقِيمُنَا بِإِذْنِ رَبِّنَا
हमनी के बतावल गइल बा [अबू बकर बिन अबू स्याइबा] हमनी के [सुफयान] [अब्दु रब्बीह] से [अमरह] से [आमरा] से [ऐसिया] से बतवले बाड़न, कि जवन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपना लार आ अँगुरी से बीमार लोग खातिर पढ़ले बाड़न ऊ रहे: ‘बिस्मिल्लाही तुरबतु आर्दीना बिरदीकती ब’दलीना लिय्युस्यफा सकीमुना बी इदजनी रब्बिना -अल्लाह के नाम पर हमनी में से कुछ के कोमलता से हमनी के जमीन के धूल उड़ाईं हमनी के बीमार लोग हमनी के रब्ब के अनुमति से ठीक हो जास-''।