Hadith Representative
Dilaknat orang yang menggauli istri melalui dubur (jalan belakang)
Imam Tirmidzi : 125حَدَّثَنَا بُنْدَارٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ وَبَهْزُ بْنُ أَسَدٍ قَالُوا حَدَّثَنَا حَمَادُ بْنُ سَلَمَةِ عَنْ حَكِيمٍ الْأَثْرَمِ عَنْ أَبِي تَمِيمَةَ الهُجَيْمِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ أَتَى حَائِضًا أَوْ امْرَأَةً فِي دُبُرِهَا أَوْ كَاهِنًا فَقَدْ كَفَرَ بِمَا أُنْزِلَ عَلَى مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَقَالَ أَبُو عِيسَى لَا نَعْرِفُ هَذَا الْحَدِيثَ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ حَكِيمٍ الْأَثْرَمِ عَنْ أَبِي تَمِيمَةَ الْهُجَيْمِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَإِنَّمَا مَعْنَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ عَلَى التَّغْلِيظِ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ أَتَى حَائِضًا فَلْيَتَصَدَّقْ بِدِينَارٍ فَلَوْ كَانَ إِتْيَانُ الْحَائِضِ كُفْرًا لَمْ يُؤْمَرْ فِيهِ بِالْكَفَّارَةِ وَضَعَّفَ مُحَمَّدٌ هَذَا الْحَدِيثَ مِنْ قِبَلِ إِسْنَادِهِ وَأَبُو تَمِيمَةَ الْهُجَيْمِيِّ اسْمُهُ طَرِيفُ بْنُ مُجَالِدٍ
हमरा सभकेँ कहि देने अछि [बुन्दर] कहलक; हमरा सभकेँ [याह्या बिन सईद] आ [अब्दुररहमान बिन महदी] आ [बहज बिन असद]केँ कहने छथि जे ओ सभ कहलनि; हमरा सब के [हम्मद बिन सलामाह] स [हकीम अल अत्सरम] स [अबू तमीमाह अल हुजैमी] स [अबू हुरैराह] स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहने छथि, ओ कहने छथि: 'जे कियो मासिक धर्म के महिला के संग संभोग करैत अछि, या गुदा स कोनो महिला के संग यौन संबंध रखैत अछि, या कोनो शामन के पास जाइत अछि तखन ओ ओहि बात पर काफर क देने अछि जेकरा पर उतारल गेल छल मुहम्मद शल्लल्लाहु 'अलैहि वसल्लम'। अबू ईसा कहलनि; 'हमरा सब के ई हदीस के जानकारी नै छै सिवाय हकीम अल अत्राम के हदीस स, अबू तमीमाह अल हुजैमी स, अबू हुरैरा स।' आरू वैज्ञानिकऽ के अनुसार ई हदीस केरऽ एकमात्र मतलब बोझ के रूप म॑ छै । नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स रिवायत अछि, ओ कहलनि जे, जे कियो मासिक धर्म के महिला के पास आबय - ओकरा संग शारीरिक संबंध बनाबय, ओकरा एक दिनार स दान देबाक चाही’। यदि मासिक धर्म के महिला के पास आना अविश्वास के काम छै त ओकरा अपन कफराह के रूप में दक्षिणा देबाक आदेश नै देल जेतै ! मुदा मुहम्मद एहि हदीस के अपन सनाद पक्ष स कमजोर क देलखिन। आ अबू तमिमाह अल हुजैमी के नाम सरीफ बिन मुजालिद छै'।