Hadith Representative
Janganlah seorang wanita menikahkan wanita lain dan jangan pula wanita menikahkan dirinya sendiri
Imam Ibnu Majah : 1872حَدَّثَنَا جَمِيلُ بْنُ الْحَسَنِ الْعَتَكِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَرْوَانَ الْعُقَيْلِيُّ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ حَسَّانَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تُزَوِّجُ الْمَرْأَةُ الْمَرْأَةَ وَلَا تُزَوِّجُ الْمَرْأَةُ نَفْسَهَا فَإِنَّ الزَّانِيَةَ هِيَ الَّتِي تُزَوِّجُ نَفْسَهَا
हमरा सब के कहल गेल अछि [जमील बिन अल हसन अल अताकी] कहलनि, हमरा सब के कहल गेल अछि [मुहम्मद बिन मरवान अल उकैली] कहलनि, हमरा सब के [हिसियाम बिन हसन] के [मुहम्मद बिन सिरिन] स [अबू हुरैरा] स कहल गेल अछि जे ओ कहलनि, 'अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रसूलुल्लाह कहलनि: 'एकटा महिला के महिला स विवाह करबाक अनुमति नहि अछि आ स्त्री केँ स्वयं विवाह करबाक अनुमति नहि छैक, कारण वास्तव मे व्यभिचारी स्त्री स्वयं विवाह करयवला स्त्री होइत छैक'।