हदीस
Iddah perempuan yang ditinggal mati suami adalah empat bulan sepuluh hari
Imam Nasa'i : 3458أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ جَدِّي قَالَ حَدَّثَنِي جَعْفَرُ بْنُ رَبِيعَةَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ هُرْمُزَ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ زَيْنَبَ بِنْتَ أَبِي سَلَمَةَ أَخْبَرَتْهُ عَنْ أُمِّهَا أُمِّ سَلَمَةَ زَوْجِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَأَنَّ امْرَأَةً مِنْ أَسْلَمَ يُقَالُ لَهَا سُبَيْعَةُ كَانَتْ تَحْتَ زَوْجِهَا فَتُوُفِّيَ عَنْهَا وَهِيَ حُبْلَى فَخَطَبَهَا أَبُو السَّنَابِلِ بْنُ بَعْكَكٍ فَأَبَتْ أَنْ تَنْكِحَهُ فَقَالَ مَا يَصْلُحُ لَكِ أَنْ تَنْكِحِي حَتَّى تَعْتَدِّي آخِرَ الْأَجَلَيْنِ فَمَكَثَتْ قَرِيبًا مِنْ عِشْرِينَ لَيْلَةً ثُمَّ نُفِسَتْ فَجَاءَتْ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ انْكِحِي
हमनी के खबर आइल कि [अब्दुल मलिक बिन स्यूअइब बिन अल लैथ बिन सअद] कहले बाड़न; ई हमरा [हमार बाबूजी] के [हमार दादा] से रिपोर्ट भइल रहे कहले; हमरा [जफर बिन रबीअह] के [अब्दुररहमान बिन हुर्मुज] से [अबू सलामाह बिन अब्दुररहमान] से बतावल गईल कि [जैनब बिन अबू सलामाह] उनुका के अपना महतारी [उम्म सलामा] नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नी से रिपोर्ट कईले रहली कि बानी असलम के एगो महिला सुबाईआह नाम के एगो आदमी के पत्नी रहली गर्भवती होखला के दौरान पति के ओर से छोड़ दिहल गईल। तब अबू अस सनाबिल बिन बकक ओकरा के प्रपोज कईले, लेकिन उ उनुका से बियाह करे से इनकार क देली। तब अबू अस सनाबिल कहले कि जब तक आप दुनो 'इद्दाह' अवधि के अंत तक 'इद्दाह के पालन ना करब, तब तक आपके बियाह कईल उचित नईखे।' त सुबैया चुप रहली - लोग के प्रस्ताव से अपना के बंद करत - बीस रात तक, प्रसवोत्तर के बाद उ अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलली, फिर उ कहले: 'बियाह करीं'।