Hadith Representative
Ambillah apa yang kalian ketahui benar dan jauhi apa yang kalian ingkari
Imam Abu Dawud : 3779حَدَّثَنَا الْقَعْنَبِيُّ أَنَّ عَبْدَ الْعَزِيزِ بْنَ أَبِي حَازِمٍ حَدَّثَهُمْ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُمَارَةَ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كَيْفَ بِكُمْ وَبِزَمَانٍ أَوْ يُوشِكُ أَنْ يَأْتِيَ زَمَانٌ يُغَرْبَلُ النَّاسُ فِيهِ غَرْبَلَةً تَبْقَى حُثَالَةٌ مِنْ النَّاسِ قَدْ مَرِجَتْ عُهُودُهُمْ وَأَمَانَاتُهُمْ وَاخْتَلَفُوا فَكَانُوا هَكَذَا وَشَبَّكَ بَيْنَ أَصَابِعِهِ فَقَالُوا وَكَيْفَ بِنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ تَأْخُذُونَ مَا تَعْرِفُونَ وَتَذَرُونَ مَا تُنْكِرُونَ وَتُقْبِلُونَ عَلَى أَمْرِ خَاصَّتِكُمْ وَتَذَرُونَ أَمْرَ عَامَّتِكُمْقَالَ أَبُو دَاوُد هَكَذَا رُوِيَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ
हमरा सब [अल क'नाबी] के कहल गेल अछि जे [अब्दुल अजीज बिन अबू हाजिम] हुनका सब के कहलखिन, [हुनकर पिता] स [उमर बिन अमरू] स [अब्दुल्लाह बिन अमरू बिन अल ऐश] स जे अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'अहाँ सब के हालत एहि युग में केहन रहत, या ओ कहलनि जे, 'अहाँ सब के पास लगभग समय आबि जायत, नीक लोक सब चलि गेल होयत आ नीक लोक सब चलि गेल होयत अधलाह लोक रहत। हुनका लोकनिक वादा-विश्वास टूटि गेल छनि, मतभेद भेलनि अछि, आ ओ सभ एहिना भ' गेल छथि -ओ आँगुरक बीच बुनैत छथि-'। साथी सब पुछलकै, ‘हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, तखन हमरा सब के की; अहाँ की आज्ञा दैत छी?' ओ उत्तर देलनि: 'जे अहाँ जनैत छी से ल' लिअ - सत्य सँ - आ जे बात नकारैत छी ताहि सँ दूर रहू, जे अहाँक अधिकार अछि से स्वीकार करू आ जे उचित रूप सँ जनता केँ छोड़ि दियौक'। अबू दाऊद न॑ कहलकै कि ई हदीस अब्दुल्लाह बिन अमरू न॑ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स॑ बहुत पंक्ति के साथ ई हदीस केरऽ रिवायत ई तरह स॑ करलकै’ ।