हदीस
Shalat di Masjid Quba pahalanya seperti pahala satu kali umrah
Imam Nasa'i : 692أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا مُجَمِّعُ بْنُ يَعْقُوبَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سُلَيْمَانَ الْكَرْمَانِيِّ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا أُمَامَةَ بْنَ سَهْلِ بْنِ حُنَيْفٍ قَالَ قَالَ أَبِيقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ خَرَجَ حَتَّى يَأْتِيَ هَذَا الْمَسْجِدَ مَسْجِدَ قُبَاءَ فَصَلَّى فِيهِ كَانَ لَهُ عَدْلَ عُمْرَةٍ
हमनी के [कुतैबाह] के रिपोर्ट देके उ कहले कि; हमनी के [मुजम्मी' बिन या'कुब] [मुहम्मद बिन सुलेमान अल-कर्मनी] से बतवले बाड़े उ कहले कि; सुनले बानी [अबू उमामा बिन सहल बिन हुनैफ] उ कहले रहले; [हमार बाबूजी] कहले; 'अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, 'जे एह मस्जिद यानी कुबा मस्जिद में निकल के ओकरा में नमाज पढ़े, त -इनाम- उमरा से तुलना करे लायक बा'।