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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Haji dan Umrah Mabit di Mina I (Tanggal 8 Dzulhijjah) Mabit di Mina

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Mabit di Mina
Imam Bukhari : 1543

حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ الْأَزْرَقُ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ رُفَيْعٍ قَالَ سَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قُلْتُأَخْبِرْنِي بِشَيْءٍ عَقَلْتَهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ صَلَّى الظُّهْرَ وَالْعَصْرَ يَوْمَ التَّرْوِيَةِ قَالَ بِمِنًى قُلْتُ فَأَيْنَ صَلَّى الْعَصْرَ يَوْمَ النَّفْرِ قَالَ بِالْأَبْطَحِ ثُمَّ قَالَ افْعَلْ كَمَا يَفْعَلُ أُمَرَاؤُكَ

हमरा के बतवले बा ['अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद] हमनी के बतवले बाड़े [इशहाक अल अजराक] हमनी के बतवले बाड़े [सुफियान] से ['अब्दुल 'अजीज बिन रूफाई'] कहले बाड़े; हम [अनस बिन मलिक, अल्लाह उनुका से खुश होखस] से पूछनी, हम कहनी: 'हमरा के कुछ बात बताईं जवन कि आपके नबी सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम से याद बा, उ तरवीया के दिन झूहर अवुरी असर के नमाज कहां कईले रहले?'। ऊ कहले- 'मीना में'। हम फेरु पूछनी- 'नफर के दिन अस्र कहाँ नमाज करेले?'। उ जवाब दिहले: 'अल अबथोह -अल बथहा'- ' में। तब कहलन- 'नेता लोग के रूप में -मनसिक- करऽ, रउआ लोग कर देले बानी'।

हदीस :

Imam Ahmad : 2192, 2567, 5496, 5857
Imam Bukhari : 1543, 1637
Imam Abu Dawud : 1632
Imam Ibnu Majah : 2995
Imam Darimi : 1797