इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



- Zakat dan Sedekah Infaq & Shadaqah Shadaqah yang tidak tepat sasaran tetap dihargai niatnya

Hadith Search Results :
Total Hadith : 1
Hadith Representative
Shadaqah yang tidak tepat sasaran tetap dihargai niatnya
Imam Muslim : 1698

حَدَّثَنِي سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنِي حَفْصُ بْنُ مَيْسَرَةَ عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ قَالَ رَجُلٌ لَأَتَصَدَّقَنَّ اللَّيْلَةَ بِصَدَقَةٍ فَخَرَجَ بِصَدَقَتِهِ فَوَضَعَهَا فِي يَدِ زَانِيَةٍ فَأَصْبَحُوا يَتَحَدَّثُونَ تُصُدِّقَ اللَّيْلَةَ عَلَى زَانِيَةٍ قَالَ اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ عَلَى زَانِيَةٍ لَأَتَصَدَّقَنَّ بِصَدَقَةٍ فَخَرَجَ بِصَدَقَتِهِ فَوَضَعَهَا فِي يَدِ غَنِيٍّ فَأَصْبَحُوا يَتَحَدَّثُونَ تُصُدِّقَ عَلَى غَنِيٍّ قَالَ اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ عَلَى غَنِيٍّ لَأَتَصَدَّقَنَّ بِصَدَقَةٍ فَخَرَجَ بِصَدَقَتِهِ فَوَضَعَهَا فِي يَدِ سَارِقٍ فَأَصْبَحُوا يَتَحَدَّثُونَ تُصُدِّقَ عَلَى سَارِقٍ فَقَالَ اللَّهُمَّ لَكَ الْحَمْدُ عَلَى زَانِيَةٍ وَعَلَى غَنِيٍّ وَعَلَى سَارِقٍ فَأُتِيَ فَقِيلَ لَهُ أَمَّا صَدَقَتُكَ فَقَدْ قُبِلَتْ أَمَّا الزَّانِيَةُ فَلَعَلَّهَا تَسْتَعِفُّ بِهَا عَنْ زِنَاهَا وَلَعَلَّ الْغَنِيَّ يَعْتَبِرُ فَيُنْفِقُ مِمَّا أَعْطَاهُ اللَّهُ وَلَعَلَّ السَّارِقَ يَسْتَعِفُّ بِهَا عَنْ سَرِقَتِهِ

हमरा सब के कहलक अछि [सुवैद बिन सईद] हमरा [हफश बिन मैसारह] स [मूसा बिन उकबाह] स [अबू जिनाद] स [अल अ'राज] स [अबू हुरैरा] स नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम स कहलक अछि, ओ कहलक: 'एकटा आदमी छल जे कहने छल, 'आइ राति, हम सचमुच दान देब'। तखन ओ आदमी अपन भिक्षा ल' क' बाहर आबि गेल आ वेश्या केँ द' देलक। दोसर दिन लोक सभ कहलक जे काल्हि राति एकटा वेश्या के भिक्षा देल गेल अछि । त ओ आदमी प्रार्थना केलक जे हे अल्लाह, सब स्तुति अहाँक अछि जे हमर दक्षिणा के वेश्या के हाथ में पड़य के किस्मत में राखि देने छी। हम फेर भिक्षा देब'। ओ अपन भिक्षा ल' क' गेलाह आ धनिक लोक केँ द' देलनि। दोसर दिन लोक सभ गप्प क’ रहल छल जे कोना काल्हि राति मे कियो एकटा धनिक आदमी केँ भिक्षा द’ देलक। त ओ आदमी कहलक, 'हे अल्लाह, सब स्तुति अहाँक अछि, कारण अहाँ हमर दक्षिणा धनिकक हाथ मे खसा देलहुँ, हम फेर भिक्षा देब'। तखन फेर अपन भिक्षा ल' क' चोर केँ द' देलक। दोसर दिन लोक एहि बात पर गप्प क' रहल छल, जे काल्हि राति मे कियो चोर केँ भिक्षा द' देने छल. दक्षिणा दऽ रहल आदमी कहलकै, 'सब स्तुति अल्लाह केरऽ होय जे हमरऽ दक्षिणा वेश्या, अमीर आरू चोरऽ पर गिरै के किस्मत में रखन॑ छै' । तखन ओहि आदमी के पास एकटा स्वर्गदूत आबि गेलाह जे कहलखिन्ह जे अहां के भिक्षा अल्लाह स्वीकार क लेलक अछि. रहल बात अहाँक सदाक जे वेश्या पर पड़ैत छैक, त' ओ वेश्यावृत्ति सँ रुकि जाथि, जे धनिक पर पड़ैत छैक, ओहो अपना केँ साकार करथि आ दान सेहो करथि, जखन कि जे चोर पर पड़ैत छैक, ओ चोरी करब छोड़ि दियौक."

Hadith Corroboration :