Hadith Representative
Dua orang yang ternaknya berkumpul hendaklah bersekutu dalam menanggung beban zakat yang sama
Imam Bukhari : 1359حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ حَدَّثَنِي ثُمَامَةُ أَنَّ أَنَسًا حَدَّثَهُأَنَّ أَبَا بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ كَتَبَ لَهُ الَّتِي فَرَضَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَا كَانَ مِنْ خَلِيطَيْنِ فَإِنَّهُمَا يَتَرَاجَعَانِ بَيْنَهُمَا بِالسَّوِيَّةِ
हमका बतावा गा है [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला] कहिन, हमका बतावा गा है [मेरे पिता] उ कहिन, हमका बतावा गा है [त्सुमामाह] कि [अनस रदलियाल्लाहु अन्हू] ने उनसे कहा कि अबू बकर रदलियाल्लाहु अन्हू ने उनका एक पत्र लिखा रहा जेहिमा जकात के प्रावधान शामिल रहे जइसन कि रसूलुल्लाह वल्लाह वल्लाह वल्लाह वल्लाह वल्लाह द्वारा आवश्यक रहा: 'दुइ जने जे आपस मा मिलि गए हैं-दुनौ पशुधन-दुनौ जने का एकै बोझ उठाय के शान्ति रहैं'।