Hadith Representative
Janganlah menggabungkan atau memisahkan ternak untuk mengurangi besarnya zakat
Imam Bukhari : 1358حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْأَنْصَارِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ حَدَّثَنِي ثُمَامَةُ أَنَّ أَنَسًا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ حَدَّثَهُأَنَّ أَبَا بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ كَتَبَ لَهُ الَّتِي فَرَضَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَا يُجْمَعُ بَيْنَ مُتَفَرِّقٍ وَلَا يُفَرَّقُ بَيْنَ مُجْتَمِعٍ خَشْيَةَ الصَّدَقَةِ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह अल अंसारी] कहिन, [मेरे पिता] से कहिन हैं, उ कहिन, हमसे कहिन हैं [त्सुमामाह] कि [अनस रदलियाअल्लाहु अन्हू] ने उनसे कहा कि अबू बकर रदलियाल्लाहु अन्हू ने उनका एक पत्र लिखा रहा जेहिमा जकात के प्रावधान रहे जइसन कि रल्लाहुलाहु वल्लाहु वल्लाहु द्वारा आवश्यक रहा; 'अलग-अलग पशुधन का न जोड़ौ अऊर एक साथ इकट्ठा होय वालेन का अलग न करौ, काहे से कि तुम शदका -जकात- के खर्च से बचे या कम करै चाहत हौ'।