प्रतिनिधि हदीस
इमाम इब्नु माजा : 1745
حَدَّثَنَا جُبَارَةُ بْنُ الْمُغَلِّسِ حَدَّثَنَا مَنْدَلُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ صَهْبَانَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يَغْدُو يَوْمَ الْفِطْرِ حَتَّى يُغَذِّيَ أَصْحَابَهُ مِنْ صَدَقَةِ الْفِطْرِ
हमें बताया गया है [जुबराह बिन अल मुगलस] ने कहा, हमें बताया गया है [मंडल बिन अली] ने कहा, हमें बताया गया है [उमर बिन शाहबान] [नफी] से [इब्न उमर] ने कहा, उन्होंने कहा, "ईद-उल-फितर की छुट्टी पर पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तब तक नाश्ता नहीं किया जब तक कि वह अपने साथियों को ज़कात फितरा से नाश्ता न दे दें।"