इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



-

हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1808

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ أَخْبَرَنَا مَالِكٌ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَرَجَ إِلَى مَكَّةَ فِي رَمَضَانَ فَصَامَ حَتَّى بَلَغَ الْكَدِيدَ أَفْطَرَ فَأَفْطَرَ النَّاسُقَالَ أَبُو عَبْد اللَّهِ وَالْكَدِيدُ مَاءٌ بَيْنَ عُسْفَانَ وَقُدَيْدٍ

हमें [अब्दुल्ला बिन यूसुफ] ने [मलिक] को [इब्न शिहाब] से [उबैदुल्ला बिन अब्दुल्ला बिन उतबा] से [इब्न अब्बास रदलिल्लाहु अन्हुमा] से बताया है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रमज़ान के महीने में मक्का गए और उन्होंने रोज़ा रखा। जब वह कदीद क्षेत्र में पहुँचे, तो उन्होंने अपना रोज़ा तोड़ा और फिर लोगों ने भी अपना रोज़ा तोड़ा। अबू अब्दुल्ला अल बुखारी ने कहा: "कदीद एक झरना है जो उसफ़ान और कुदैद के बीच स्थित है"।

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 2520, 2839, 2996, 3010, 3040, 3088, 3109, 23065
इमाम बुखारी : 1808, 1812, 2734, 3943
इमाम मुस्लिम : 1875, 1876
इमाम तिर्मिदज़ी : 644
इमाम नसाई : 2230, 2249, 2250, 2251, 2252, 2253, 2274
इमाम इब्नु माजा : 1651
इमाम मलिक : 576
इमाम दरिमी : 1646