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Tidak boleh berpuasa pada hari syak (30 Sya‘ban) tanpa dalil kuat
Imam Tirmidzi : 622حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ الْأَشَجُّ حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ الْأَحْمَرُ عَنْ عَمْرِو بْنِ قَيْسٍ الْمُلَائِيِّ عَنْ أَبِي إِسْحَقَ عَنْ صِلَةَ بْنِ زُفَرَ قَالَكُنَّا عِنْدَ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ فَأُتِيَ بِشَاةٍ مَصْلِيَّةٍ فَقَالَ كُلُوا فَتَنَحَّى بَعْضُ الْقَوْمِ فَقَالَ إِنِّي صَائِمٌ فَقَالَ عَمَّارٌ مَنْ صَامَ الْيَوْمَ الَّذِي يَشُكُّ فِيهِ النَّاسُ فَقَدْ عَصَى أَبَا الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأَنَسٍ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَمَّارٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَنْ بَعْدَهُمْ مِنْ التَّابِعِينَ وَبِهِ يَقُولُ سُفْيَانُ الثَّوْرِيُّ وَمَالِكُ بْنُ أَنَسٍ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ وَالشَّافِعِيُّ وَأَحْمَدُ وَإِسْحَقُ كَرِهُوا أَنْ يَصُومَ الرَّجُلُ الْيَوْمَ الَّذِي يُشَكُّ فِيهِ وَرَأَى أَكْثَرُهُمْ إِنْ صَامَهُ فَكَانَ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ أَنْ يَقْضِيَ يَوْمًا مَكَانَهُ
हमरा सब के कहलक अछि [अबू सईद अब्दुल्लाह बिन सईद अल अस्याज] हमरा सब के [अबू खालिद अल अहमर] स [अमरू बिन कैस अल मुलाई] स [अबू इशाक] स [शिला बिन जुफर] स कहलक अछि ओ कहलनि, जखन हम सब [अम्मर बिन यासिर] के संग छलहुं आ हमरा सब के एकटा बकरी परोसल गेल छल जे जरि गेल छल, तखन ओ कहलनि, खाउ। तखन किछु लोक पाछू घुमि क' कहलक जे हम रोजा रखैत छी, ओ कहलनि, जे कियो स्याक दिनक रोजा रखैत अछि - जे संदेहक विषय अछि जे ई शा'बान के तीसम दिन अछि आकि रमदलान के शुरुआत - तखन ओ अबुल कासिम - अल्लाह के रसूलुल्लाह - के आज्ञा के अवहेलना केने छथि. -कथाकार- कहलनि, एहि अध्याय मे -अबू हुरैरा आ अनस सँ एकटा -पेन्ट- रिवायत सेहो अछि | अबू ईसा न॑ कहलकै कि अम्मार केरऽ हदीस हसन केरऽ प्रामाणिक हदीस छेकै आरू नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसलम केरऽ साथी म॑ स॑ अधिकांश विद्वान आरू ओकरा बाद केरऽ लोगऽ म॑ स॑ तबी’इन स॑ आबै छै, ई सुफियन अतस त्सौरी, मलिक बिन अनस, अब्दुल्लाह बिन अल मुबारक, स्याफी’, अहमद आरू इशाक केरऽ भी राय छै, वू लोगऽ क॑ नफरत करै छै स्याक के दिन रोजा रखैत छथि, जौं पता चलल जे ओ दिन रमजान के शुरुआत अछि त हुनका बदला में एक दिन के भरपाई करय के बाध्यता छनि |