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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 1776

حَدَّثَنَا آدَمُ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ زِيَادٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ يَقُولُقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوْ قَالَ قَالَ أَبُو الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صُومُوا لِرُؤْيَتِهِ وَأَفْطِرُوا لِرُؤْيَتِهِ فَإِنْ غُبِّيَ عَلَيْكُمْ فَأَكْمِلُوا عِدَّةَ شَعْبَانَ ثَلَاثِينَ

हमसे कहा है [आदम] ने हमसे कहा है [स्यूबा] ने हमसे कहा है [मुहम्मद बिन ज़ियाद] ने कहा, मैंने [अबू हुरैरा रदिअल्लाहु अन्हु] को कहते सुना; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा, या उन्होंने कहा कि अबू अल कासिम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा था: "इसे देखकर रोज़ा रखो (हिलाल) और इसे देखकर ही अपना रोज़ा खोलो। अगर बादल तुम्हें रोकते हैं, तो शाबान महीने के दिनों की गिनती तीस तक पूरी करो।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 1881, 2219, 2865, 3335, 9007, 9094, 9188, 9189, 9476, 9680, 15702, 18137, 19537
इमाम बुखारी : 1776
इमाम मुस्लिम : 1796, 1809, 1810, 1821
इमाम तिर्मिदज़ी : 624
इमाम नसाई : 2087, 2088, 2089, 2095, 2100, 2160
इमाम दरिमी : 1621, 1623