हदीस
Umat Islam dibedakan dari Ahlul Kitab dengan adanya makan sahur
Imam Tirmidzi : 643وَرُوِيَعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ فَصْلُ مَا بَيْنَ صِيَامِنَا وَصِيَامِ أَهْلِ الْكِتَابِ أَكْلَةُ السَّحَرِحَدَّثَنَا بِذَلِكَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ مُوسَى بْنِ عَلِيٍّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي قَيْسٍ مَوْلَى عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْعَاصِ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِذَلِكَ قَالَ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَأَهْلُ مِصْرَ يَقُولُونَ مُوسَى بْنُ عَلِيٍّ وَأَهْلُ الْعِرَاقِ يَقُولُونَ مُوسَى بْنُ عُلَيٍّ وَهُوَ مُوسَى بْنُ عُلَيِّ بْنِ رَبَاحٍ اللَّخْمِيُّ
नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिवायत बा कि उ कहले कि, 'हमनी के रोजा अवुरी किताब के लोग के रोजा में अंतर साहुर खाइल बा'। इ हमनी के [कुतैबा] के अयीसन बतवले बा, इ हमनी के [अल लैट्स] से [मूसा बिन अली] से [उनकर पिता] से [अबू कैस] से उनुका गुलाम अमरू बिन ऐश से [अमरू बिन ऐश] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बा। -रवीर- कहले, ई एगो सच्चे हसन हदीस ह। मिस्र के लोग उनका के मूसा बिन अली कहत रहे जबकि इराक के लोग उनका के मूसा बिन उलाय कहत रहे अउरी उ मूसा बिन उलाय बिन रबाह अल लख्मी के अलावा केहू अउरी ना रहले|