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Islam membatalkan segala kesalahan dan kekufuran yang lalu
Imam Ibnu Majah : 4232حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ وَأَبِي عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقُلْنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنُؤَاخَذُ بِمَا كُنَّا نَعْمَلُ فِي الْجَاهِلِيَّةِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ أَحْسَنَ فِي الْإِسْلَامِ لَمْ يُؤَاخَذْ بِمَا كَانَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ وَمَنْ أَسَاءَ أُخِذَ بِالْأَوَّلِ وَالْآخِرِ
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन नुमैर] ने सानू [वाकी'] ते [मेरे पिता] ने [अल अ'मासी] तों [स्याकिक] तों [अब्दुल्लाह] तों दस्सेया है उसने आख्या; अस पुच्छने आं; 'हे अल्लाह दे रसूलुल्लाह, क्या सानू वी जहिलिया दे दौर विच जो कीता सी, ओदे वास्ते असीं वी तड़पाए जांदे हां?' तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'जो कोई इस्लाम स्वीकार करन दे बाद भला करदा है, तां उस नू जहिलिया दे दौर विच जो कित्ता सी, उस वास्ते यातना नहीं दित्ती जावेगी, पर अगर ओह कोई बुरा करदा है - इस्लाम विच दाखल होण दे बाद - तां उस नूं पहले ते बाद दोनों ही यातना दित्ता जावेगा'।