प्रतिनिधि हदीस
इमाम अहमद : 1205
حَدَّثَنَا عَبْد اللَّهِ حَدَّثَنَا أَبُو سَلْمٍ خَلِيلُ بْنُ سَلْمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ عَنِ الْحَسَنِ بْنِ ذَكْوَانَ عَنْ عَمْرِو بْنِ خَالِدٍ عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي ثَابِتٍ عَنْ عَاصِمِ بْنِ ضَمْرَةَ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَّ جِبْرِيلَ أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّا لَا نَدْخُلُ بَيْتًا فِيهِ صُورَةٌ أَوْ كَلْبٌ وَكَانَ الْكَلْبُ لِلْحَسَنِ فِي الْبَيْتِ
हमें बताया है अब्दुल्लाह ने, हमें बताया है [अबू सलाम, खलील बिन सलाम] ने हमें बताया है [अब्दुल वारित्स] [अल हसन बिन दज़कवान] से [अमरू बिन खालिद] से [हबीब बिन अबू साबित] से [आशिम बिन धमरा] से [अली रज़ियल्लाहु अन्हु] कि गेब्रील पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले और कहा; "वास्तव में हम ऐसे घर में प्रवेश नहीं करेंगे जिसमें तस्वीरें या कुत्ते हों।" उस समय हसन का कुत्ता घर में था।