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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Iman, Tauhid dan Syahadat Tauhid Ahli tauhid akan dikeluarkan dari neraka dan masuk surga

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Ahli tauhid akan dikeluarkan dari neraka dan masuk surga
Imam Tirmidzi : 1922

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبَانَ بْنِ تَغْلِبٍ عَنْ فُضَيْلِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَدْخُلُ الْجَنَّةَ مَنْ كَانَ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ مِنْ كِبْرٍ وَلَا يَدْخُلُ النَّارَ يَعْنِي مَنْ كَانَ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ مِنْ إِيمَانٍ قَالَ فَقَالَ لَهُ رَجُلٌ إِنَّهُ يُعْجِبُنِي أَنْ يَكُونَ ثَوْبِي حَسَنًا وَنَعْلِي حَسَنَةً قَالَ إِنَّ اللَّهَ يُحِبُّ الْجَمَالَ وَلَكِنَّ الْكِبْرَ مَنْ بَطَرَ الْحَقَّ وَغَمَصَ النَّاسَو قَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ فِي تَفْسِيرِ هَذَا الْحَدِيثِ لَا يَدْخُلُ النَّارَ مَنْ كَانَ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ مِنْ إِيمَانٍ إِنَّمَا مَعْنَاهُ لَا يُخَلَّدُ فِي النَّارِ وَهَكَذَا رُوِيَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يَخْرُجُ مِنْ النَّارِ مَنْ كَانَ فِي قَلْبِهِ مِثْقَالُ ذَرَّةٍ مِنْ إِيمَانٍ وَقَدْ فَسَّرَ غَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ التَّابِعِينَ هَذِهِ الْآيَةَ{ رَبَّنَا إِنَّكَ مَنْ تُدْخِلْ النَّارَ فَقَدْ أَخْزَيْتَهُ }فَقَالَ مَنْ تُخَلِّدُ فِي النَّارِ فَقَدْ أَخْزَيْتَهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ

हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] अवुरी [अब्दुल्लाह बिन अब्दुररहमान] दुनो कहले बाड़े, हमनी के बतवले बाड़े [याह्या बिन हम्मद], हमनी के [स्यूबाह] से [अबन बिन तगलिब] से [फुदलैल बिन अम्र] से [इब्राहिम] से [अलकामा] से [अब्दुल्लाह] से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़े, उ कहलन कि स्वर्ग में केहू जन्नत में ना जाई। उनकर दिल में अहंकार समाहित बा भले ऊ खाली एगो जर्रा के बीज के आकार के होखे। आ जेकरा दिल में विश्वास बा, भले ऊ खाली द्ज़ार के बीज के आकार के होखे, ऊ नरक में ना जाई. अब्दुल्ला कहले कि; तब केहू उनका से कहलस, 'साँचहू हमरा गर्व महसूस होला, अगर हमार कपड़ा बढ़िया बा आ हमार चप्पल भी बढ़िया बा'। उ कहले कि, 'वास्तव में अल्लाह के सुंदरता से प्यार बा। हालांकि अहंकार से जवन मतलब बा उ सच्चाई के नकारल अवुरी इंसान के नीचा देखावे के बा।' कुछ वैज्ञानिक विशेषज्ञ ए हदीस के व्याख्या के बारे में कहतारे कि, 'जवना आदमी के दिल में इमान होखे, भले उ सिर्फ ज़ारह के बीज के आकार के होखे, उ नरक में ना जाई'। एकर मतलब ई बा कि रउरा नरक में हमेशा खातिर ना जियब. आ इहे बात अबू सईद अल खुदरी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतवले बाड़न कि ऊ कहले बाड़न कि ‘जवना आदमी के दिल में ईमान होखे, ओकरा के नरक से निकाल दिहल जाई, भले ऊ खाली ज़ाराह के बीज के आकार के होखे’. ताबीइन लोग एह आयत के व्याख्या एह तरह से करेला कि 'तू जेकरा के नरक में डाल देले बाड़ू, ओकरा के सही मायने में अपमानित कर देले बाड़ू'। माने कि तू जेकरा के नरक में अमर कर देब, त ओकरा के सही मायने में अपमानित कर देले बाड़ू। अबू ईसा कहले कि; ई हसन सहीह घरीब हदीस ह।

हदीस :

Imam Ahmad : 12310, 13419
Imam Bukhari : 42
Imam Muslim : 285
Imam Tirmidzi : 1922, 2518, 2523
Imam Ibnu Majah : 4303