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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम अबू दाऊद : 4056

حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ أَخْبَرَنَا سُهَيْلُ بْنُ أَبِي صَالِحٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ الْإِيمَانُ بِضْعٌ وَسَبْعُونَ أَفْضَلُهَا قَوْلُ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَأَدْنَاهَا إِمَاطَةُ الْعَظْمِ عَنْ الطَّرِيقِ وَالْحَيَاءُ شُعْبَةٌ مِنْ الْإِيمَانِ

हमसे कहा है [मूसा बिन इस्माइल] ने कहा, हमसे कहा है [हम्माद] ने कहा, हमसे कहा है [सुहैल बिन अबू सलेह] ने [अब्दुल्ला बिन दीनार] से [अबू सलेह] से [अबू हुरैरा] से कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "ईमान की सत्तर शाखाएँ हैं, सबसे ऊँची यह कहना है कि ला इलाहा इल्लल्लाह और सबसे नीची यह है कि हड्डियों को रास्ते से हटा दिया जाए, और शर्म ईमान का हिस्सा है।"

समर्थक हदीस :


इमाम अहमद : 8993
इमाम मुस्लिम : 51
इमाम अबू दाऊद : 4056