हदीस
Mengerjakan apapun karena Allah berarti sempurnalah keimanannya
Imam Abu Dawud : 4061حَدَّثَنَا مُؤَمَّلُ بْنُ الْفَضْلِ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ شَابُورَ عَنْ يَحْيَى بْنِ الْحَارِثِ عَنْ الْقَاسِمِ عَنْ أَبِي أُمَامَةَعَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّهُ قَالَ مَنْ أَحَبَّ لِلَّهِ وَأَبْغَضَ لِلَّهِ وَأَعْطَى لِلَّهِ وَمَنَعَ لِلَّهِ فَقَدْ اسْتَكْمَلَ الْإِيمَانَ
हमनी के बतवले बाड़े [मुअम्मल इब्नुल फडल] कहले बाड़े, हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन स्यूअइब बिन स्याबूर] से [याह्या इब्नुल हरित्स] से [अल कासिम] से [अबू उमामा] से रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उ कहले बाड़े: 'जे अल्लाह के खातिर प्यार करेला, उ अल्लाह के खातिर नफरत करेला, उ अल्लाह के खातिर देवेला अवुरी... मना करेला -धारण करेला- अल्लाह के खातिर, तब ओकर ईमान सही बा'।