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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



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हदीस खोज परिणाम :
कुल हदीस : 1
प्रतिनिधि हदीस
इमाम बुखारी : 13

حَدَّثَنَا أَبُو الْيَمَانِ قَالَ أَخْبَرَنَا شُعَيْبٌ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَا يُؤْمِنُ أَحَدُكُمْ حَتَّى أَكُونَ أَحَبَّ إِلَيْهِ مِنْ وَالِدِهِ وَوَلَدِهِ

हमें बताया गया है [अबू अल यमन] ने कहा, हमें बताया गया है [स्यू'एब] ने कहा, हमें [अबू अज़ ज़नद] को [अल अ'राज] से [अबू हुरैरा] से बताया गया है, कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने कहा: "अतः उस अल्लाह की कसम जिसके हाथ में मेरी जान है, तुममें से कोई तब तक ईमान नहीं लाएगा जब तक कि मुझे उसके माता-पिता और उसकी संतानों से अधिक प्यार न किया जाए।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 12349, 12676, 13402, 13449, 17355, 18193
इमाम बुखारी : 13, 14
इमाम मुस्लिम : 62, 63
इमाम नसाई : 4927, 4928, 4929
इमाम इब्नु माजा : 66
इमाम दरिमी : 2624