हदीस
Larangan wanita meminta cerai untuk nafkah yang lebih banyak, karena itu takdir
Imam Bukhari : 4755حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى عَنْ زَكَرِيَّاءَ هُوَ ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ عَنْ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَحِلُّ لِامْرَأَةٍ تَسْأَلُ طَلَاقَ أُخْتِهَا لِتَسْتَفْرِغَ صَحْفَتَهَا فَإِنَّمَا لَهَا مَا قُدِّرَ لَهَا
हमनी के [अब्दुल्लाह बिन मूसा] [जकारिया] से बतवले बाड़े कि उ इब्न अबू ज़`इदा हउवें, [सअद बिन इब्राहिम] से [अबू सलामाह] से [अबू हुरैरा] से रदलियाल्लाहु अनहु से नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से, उ कहले बाड़े कि, 'एक महिला के क्रम से अपना सौतेला भाई से तलाक मांगल जायज नईखे।' अधिका कमाए खातिर. सचमुच ओकरा खातिर उहे बा जवन ओकरा खातिर लिखल बा'।