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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



- Takdir Do’a Manusia Doa Qunut witir: jauhkanlah aku dari kejelekan taqdir yang Engkau tentukan

हदीस :
हदीस : 1
हदीस
Doa Qunut witir: jauhkanlah aku dari kejelekan taqdir yang Engkau tentukan
Imam Ahmad : 1625

حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ أَبِي إِسْحَاقَ عَنْ بُرَيْدِ بْنِ أَبِي مَرْيَمَ السَّلُولِيِّ عَنْ أَبِي الْحَوْرَاءِ عَنِ الْحَسَنِ بْنِ عَلِيٍّ قَالَ عَلَّمَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَلِمَاتٍ أَقُولُهُنَّ فِي قُنُوتِ الْوَتْرِ اللَّهُمَّ اهْدِنِي فِيمَنْ هَدَيْتَ وَعَافِنِي فِيمَنْ عَافَيْتَ وَتَوَلَّنِي فِيمَنْ تَوَلَّيْتَ وَبَارِكْ لِي فِيمَا أَعْطَيْتَ وَقِنِي شَرَّ مَا قَضَيْتَ فَإِنَّكَ تَقْضِي وَلَا يُقْضَى عَلَيْكَ إِنَّهُ لَا يَذِلُّ مَنْ وَالَيْتَ تَبَارَكْتَ رَبَّنَا وَتَعَالَيْتَ

हमनी के बतवले बा [वाकी'] हमनी के बतवले बाड़े [यूनुस बिन अबू इशक] से [बुरैद बिन अबू मरियम अस सलूली] से [अबू अल हौरा`] से [अल हसन बिन अली] कहले बाड़े; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमरा के कई गो वाक्य सिखवले जवन हम वितर के नमाज पढ़त घरी कहेनी: 'अल्लाहमुमहदीनी फी मन हदैत वा अफीनी फी मन अफाइत वा तवल्लानी फिमन तवल्लानी वा बारिक ली फी माँ आ'थैत वाकिनी स्यारा मा कदहैत, फा इन्नाका तकदली वा ला यौकदला 'अलाईक, इन्नाहु ला यद्जिलू मन वलाईता तबरक्त रब्बाना वा तअलाईत -हे अल्लाह, हमरा के ओह लोग जइसन मार्गदर्शन दीं जइसे कि रउरा मार्गदर्शन कइले बानी, हमरा के ओह लोग जइसन रक्षा दीं जवना लोग के रउरा रक्षा दिहले बानी, हमरा के ओह लोग जइसन प्यार करीं जवना से रउरा प्यार करीलें आ हमरा के ओह किस्मत के आशीर्वाद दीं जवन रउरा दिहले बानी, आ हमरा के ओह किस्मत के कुरूपता से दूर राखीं जवन रउरा तय कइले बानी, वाकई रउरा ही फैसला देत बानी आ केहू ना रउरा खातिर फैसला तय करेला. साँचहू जवना लोग के रउरा बचाव करब ओह लोग के अपमान ना कइल जाई. महिमा तोहरा के होखे, हे हमनी के प्रभु, आ परम परम तू हउअ।-'

हदीस :

Imam Ahmad : 1625, 1631, 1637