प्रतिनिधि हदीस
इमाम तिर्मिदज़ी : 2065
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ الرَّازِيُّ وَسَعِيدُ بْنُ يَعْقُوبَ قَالَا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ الضُّرَيْسِ عَنْ أَبِي مَوْدُودٍ عَنْ سُلَيْمَانَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ عَنْ سَلْمَانَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يَرُدُّ الْقَضَاءَ إِلَّا الدُّعَاءُ وَلَا يَزِيدُ فِي الْعُمْرِ إِلَّا الْبِرُّقَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَاب عَنْ أَبِي أَسِيدٍ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ سَلْمَانَ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ يَحْيَى بْنِ الضُّرَيْسِ وَأَبُو مَوْدُودٍ اثْنَانِ أَحَدُهُمَا يُقَالُ لَهُ فِضَّةُ وَهُوَ الَّذِي رَوَى هَذَا الْحَدِيثَ اسْمُهُ فِضَّةُ بَصْرِيٌّ وَالْآخَرُ عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ أَحَدُهُمَا بَصْرِيٌّ وَالْآخَرُ مَدَنِيٌّ وَكَانَا فِي عَصْرٍ وَاحِدٍ
हमें [मुहम्मद बिन हुमैद अर रज़ी] और [सईद बिन याकूब] ने बताया है, उन दोनों ने कहा; हमें [याह्या बिन अध धुरैस] ने [अबू मौदूद] से [सुलेमान अत तैमी] से [अबू उस्मान अन नहदी] से [सलमान] से बताया है, उन्होंने कहा; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "नमाज़ के अलावा कोई भी चीज़ किस्मत को नहीं रोक सकती और अच्छे कामों के अलावा कोई भी चीज़ ज़िंदगी को नहीं बढ़ा सकती।" अबू ईसा ने कहा; हदीस अबू असीद से भी सुनाई गई है। यह हदीस हसन ग़रीब सलमान की हदीस से है, हम इसे याह्या बिन अद दुरईस की हदीस के अलावा नहीं जानते, जहाँ तक अबू मौदूद का सवाल है तो दो लोग हैं, जिनमें से एक को फ़िद्दाह के नाम से जाना जाता है, यानी जिस व्यक्ति ने यह हदीस सुनाई है, उसका नाम फ़िदलल्लाह बशरी है, जबकि दूसरे का नाम अब्दुल अज़ीज़ बिन अबू सुलेमान है, एक बसरा से है, जबकि दूसरा मदीना से है और दोनों एक ही समय में रहते थे।